अमेरिका और इसराइल एक बार फिर ईरान के खिलाफ युद्ध की तैयारी कर रहे हैं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक दोनों देश मिलकर ईरान के ऊर्जा केंद्रों और बड़े अधिकारियों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं। इस तनाव का असर अब UAE में भी दिखने लगा है, जहां फ्यूज़ैरह के तेल पोर्ट पर हुए हमलों में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं।
अमेरिका और इसराइल की नई प्लानिंग क्या है?
CNN की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर नए सिरे से हमले करने के लिए तालमेल बिठाया है। इस योजना में ईरान के एनर्जी सेक्टर को तबाह करना और वहां के सीनियर नेताओं को खत्म करना शामिल है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 4 मई 2026 को ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू किया, जिसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को व्यावसायिक जहाजों के लिए फिर से खोलना है। 5 मई को अमेरिकी सेना ने इस इलाके में ईरान की 6 छोटी नावों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन को नष्ट कर दिया।
UAE में हमले और प्रवासियों पर असर
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सीधा असर UAE पर पड़ा है। 5 मई 2026 को फ्यूज़ैरह के एक ऑयल पोर्ट और अन्य बुनियादी ढांचों पर हमले हुए, जिससे वहां आग लग गई और धमाके हुए। इस घटना में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। भारत और पाकिस्तान दोनों देशों ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। जो भारतीय लोग Gulf देशों में रहते हैं या वहां अक्सर यात्रा करते हैं, उनके लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि इस तरह के हमलों से क्षेत्रीय सुरक्षा प्रभावित होती है।
ईरान का रुख और मौजूदा स्थिति
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का कहना है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता में शांति वार्ता आगे बढ़ रही है। वहीं ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबाफ ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति अब बदल रही है और अमेरिका के लिए मौजूदा हालात बर्दाश्त करना मुश्किल होगा। दूसरी तरफ अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि युद्ध जारी रखने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को कांग्रेस की मंजूरी की ज़रूरत नहीं है क्योंकि सीज़फायर ने समय की गणना को रोक दिया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE में हुए हमले में कौन घायल हुआ?
UAE के फ्यूज़ैरह ऑयल पोर्ट पर हुए हमलों में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। भारत और पाकिस्तान ने इस हमले की निंदा की है।
प्रोजेक्ट फ्रीडम क्या है और इसे क्यों शुरू किया गया?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 4 मई 2026 को प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू किया ताकि Strait of Hormuz को व्यापारिक जहाजों के लिए फिर से खोला जा सके और ईरानी अवरोधों को हटाया जा सके।