Iran-Israel War: अमेरिका और इसराइल ने ईरान को किया बर्बाद, बंद हुआ होर्मुज जलडमरूमध्य, दुनिया भर में बढ़ी महंगाई
अमेरिका और इसराइल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया था। इस लड़ाई का असर अब पूरी दुनिया में दिख रहा है और सभी पक्षों को भारी नुकसान हुआ है। ईरान ने जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक व्यापार ठप हो गया है और ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं।
युद्ध की मुख्य बातें और इसमें शामिल बड़े नाम
इस सैन्य कार्रवाई को अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ और इसराइल ने ‘रोअरिंग लायन’ का नाम दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह कदम ईरान के परमाणु और मिसाइल खतरों को खत्म करने के लिए उठाया गया। शुरुआती हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खमेनेई और अली लरिजानी की हत्या कर दी गई, जिसके बाद मोजतबा खमेनेई को नया उत्तराधिकारी चुना गया।
आम जनता और दुनिया पर क्या असर पड़ रहा है
ईरान द्वारा व्यापारिक रास्तों को बंद करने से पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था पर इसका बुरा असर पड़ा है और वहां की सरकार बैंक अधिकारियों के साथ बैठक कर रही है। अमेरिका में उबर और लिफ्ट जैसे टैक्सी चलाने वाले ड्राइवरों को ईंधन की बढ़ती कीमतों की वजह से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
युद्ध से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां और तारीखें
| तारीख/विवरण | घटना |
|---|---|
| 28 फरवरी 2026 | अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हमले शुरू किए और सुप्रीम लीडर की हत्या हुई |
| 7-8 अप्रैल 2026 | ईरान और अमेरिका (इसराइल सहित) के बीच अस्थायी युद्धविराम हुआ |
| 16 अप्रैल 2026 | इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम लागू हुआ |
| वर्तमान स्थिति | होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है और अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी की है |
| कुल हताहत | रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक 3,400 से ज्यादा ईरानी मारे गए हैं |
| ट्रम्प की चेतावनी | डील न मानने पर ईरान के हर पावर प्लांट को नष्ट करने की चेतावनी दी |