अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को 18 दिन हो गए हैं. ऐसे समय में जब दुनियाभर में डर का माहौल होता है, लोग आमतौर पर सुरक्षित निवेश के लिए सोने (Gold) की तरफ भागते हैं. अल जज़ीरा की एक आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, इस युद्ध के बावजूद सोने की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. यह काफी हैरान करने वाला है कि सोने के दाम में कोई भारी उछाल नहीं आया है और यह 5,000 से 5,200 डॉलर प्रति औंस के बीच रुका हुआ है.

सोने के दाम क्यों नहीं बढ़ रहे हैं?

सोने की कीमत स्थिर रहने के पीछे मुख्य रूप से तीन कारण सामने आए हैं.

  • मजबूत US Dollar: अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए सोना महंगा हो गया है, जिससे इसकी मांग में कमी आई है.
  • ब्याज दरें और तेल की कीमत: कच्चे तेल (Brent crude) की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने से महंगाई बढ़ने का डर है. इस वजह से Federal Reserve ने ब्याज दरें ज्यादा रखी हैं.
  • Bitcoin की टक्कर: इस बार सुरक्षित निवेश के तौर पर लोग Bitcoin को ज्यादा पसंद कर रहे हैं. यह सीमा पार ले जाने में आसान है, जिसके चलते इसकी कीमत 72,000 डॉलर के पार चली गई है.

युद्ध के ताजा हालात और आम जीवन पर असर

इस युद्ध का असर खाड़ी देशों के साथ-साथ पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. कमर्शियल जहाजों के लिए Strait of Hormuz लगभग बंद हो चुका है, जिससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन बिगड़ गई है.

ईरान के जवाबी हमलों को देखते हुए UAE ने भी मंगलवार को कुछ समय के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था. इसका असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और हवाई सफर करने वाले यात्रियों पर भी पड़ा है.

इजरायली सेना (IDF) ने तेहरान में हवाई हमले कर ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख अली लारीजानी और बासीज फोर्स के कमांडर को मार गिराया है. वहीं ईरान में आम नागरिकों पर भी इसका असर हुआ है और अब तक 1300 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है.

अमेरिका और सहयोगी देशों का रुख

इस संघर्ष में अमेरिका और इजरायल एक साथ मिलकर ईरान पर कार्रवाई कर रहे हैं. हालांकि फ्रांस और यूके जैसे सहयोगी देशों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपनी सेना भेजने से मना कर दिया है.

इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका को किसी की मदद की जरूरत नहीं है.

दूसरी तरफ, अमेरिकी नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के डायरेक्टर जो केंट ने यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया कि ईरान से अमेरिका को कोई तुरंत खतरा नहीं था.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com