अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने दुनिया के एनर्जी बाजार में बड़ी हलचल पैदा कर दी है। ईरान द्वारा Strait of Hormuz को बंद करने की चेतावनी के बाद लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस तनाव के कारण गैस की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसका सीधा असर ग्लोबल इकोनॉमी और आम आदमी की जरूरतों पर पड़ रहा है। 27 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, यह पिछले कई सालों का सबसे बड़ा संकट माना जा रहा है।

क्या है LNG और इसका इस्तेमाल कहाँ होता है?

लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) वह प्राकृतिक गैस है जिसे -162 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा करके लिक्विड यानी तरल रूप में बदल दिया जाता है। इस प्रक्रिया से गैस का आकार 600 गुना कम हो जाता है, जिससे इसे बड़े जहाजों के जरिए समुद्र पार भेजना आसान होता है। इसके मुख्य उपयोग नीचे दिए गए हैं:

  • बिजली उत्पादन: कोयले के मुकाबले कम कार्बन उत्सर्जन होने के कारण इससे बिजली बनाई जाती है।
  • औद्योगिक उपयोग: खाद, प्लास्टिक और कपड़े बनाने वाली फैक्ट्रियों में इसका भारी इस्तेमाल होता है।
  • घरेलू उपयोग: घरों में खाना पकाने और पानी गर्म करने के लिए पाइपलाइन के जरिए यह गैस पहुँचती है।
  • यातायात: भारी वाहनों और समुद्री जहाजों में अब इसे ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

युद्ध के कारण गैस सप्लाई पर क्या असर पड़ा है?

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध ने गैस की पूरी सप्लाई चेन को बिगाड़ दिया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। कतर के Ras Laffan Industrial City प्लांट को भी मिसाइल हमलों से नुकसान पहुँचा है, जिससे अगले कुछ सालों तक उत्पादन कम रहने की आशंका है। इसके अलावा युद्ध के कारण सप्लाई कम होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस के दाम 25.30 डॉलर प्रति mmBtu के पार चले गए हैं।

सप्लाई और कीमतों से जुड़े मुख्य आंकड़े

विवरण ताज़ा जानकारी
गैस की कीमतों में बढ़त 28 फरवरी से अब तक 143% का इजाफा
Strait of Hormuz की स्थिति ईरान द्वारा आवाजाही पर सख्त पाबंदी
कतर का गैस नुकसान सालाना 12.8 मिलियन टन उत्पादन प्रभावित
ग्लोबल सप्लाई में कमी कुल 35 मिलियन टन गैस की कमी का अनुमान

अमेरिकी अधिकारियों और कतर के प्रधानमंत्री के बीच वॉशिंगटन में हुई बातचीत में ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध की वजह से ईरान के दो बड़े स्टील प्लांट को भी नुकसान पहुँचा है और उसकी एक तिहाई मिसाइल क्षमता नष्ट हो गई है। खाड़ी देशों से होने वाली सप्लाई रुकने से भारत सहित कई एशियाई देशों पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.