US-Israel और ईरान के बीच युद्ध को रोकने की कोशिश, Qatar ने बताया Gulf देशों का प्लान, रोजाना हो रही है बात
अमेरिका और इसराइल का ईरान के साथ चल रहा युद्ध अब पूरे क्षेत्र के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। Qatar के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Majed al-Ansari ने कहा कि इस संकट को खत्म करने के लिए Gulf देशों के बीच लगातार बातचीत चल रही है। सभी देश रोजाना अलग-अलग पक्षों से संपर्क में हैं ताकि इस जंग को रोका जा सके।
क्या रुक पाएगी जंग और क्या हैं ताजा अपडेट?
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा दो हफ्ते का ceasefire 22 अप्रैल 2026 को खत्म हो रहा है। रूस ने इस समय सीमा को बढ़ाने की मांग की है। वहीं, ईरान का कहना है कि वह धमकियों के साये में कोई बातचीत नहीं करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि शांति समझौता जरूर होगा, लेकिन ईरानी बंदरगाहों पर पाबंदियां जारी रहेंगी।
युद्ध के बीच क्या-क्या बड़ी घटनाएं हुईं?
हाल ही में अमेरिका ने Strait of Hormuz के पास ईरान का एक मालवाहक जहाज जब्त किया, जिसे ईरान ने ceasefire का उल्लंघन बताया। फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने दोनों तरफ से की गई नाकेबंदी को एक बड़ी गलती कहा। इस बीच, इसराइल ने दक्षिण लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखी है और अमेरिका ने अपने A-10 हमलावर विमानों का इस्तेमाल 2030 तक बढ़ाने का फैसला किया है।
इस संकट में कौन से देश क्या भूमिका निभा रहे हैं?
इस पूरे विवाद में अलग-अलग देशों की स्थिति को नीचे दी गई टेबल में समझा जा सकता है:
| देश | भूमिका और स्थिति |
|---|---|
| Qatar | कूटनीतिक प्रयास और सभी पक्षों से संपर्क। |
| USA | ईरान के साथ युद्ध और बंदरगाहों की नाकेबंदी। |
| Iran | धमकियों के खिलाफ सख्त रुख और सैन्य चेतावनी। |
| Pakistan | अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की मेजबानी। |
| Israel | ईरान के साथ युद्ध और लेबनान में हमले। |
| Russia | ceasefire की अवधि बढ़ाने की मांग। |
| France | नाकेबंदी को दोनों तरफ की गलती बताया। |