US-Israel vs Iran War: अमेरिका और इसराइल से जंग में फंसा ईरान, होर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद, अब पाकिस्तान में होगी अहम बातचीत

अमेरिका और इसराइल की ईरान के साथ जंग को करीब दो महीने हो गए हैं। इस लड़ाई में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं और दुनिया भर में तेल की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है। अब इस युद्ध को रोकने के लिए एक बार फिर पाकिस्तान में बातचीत होने वाली है लेकिन हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।

🗞️: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा तनाव, US Navy ने जब्त किया ईरानी जहाज TOUSKA, Strait of Hormuz हुआ बंद

सीजफायर और ताजा विवाद क्या है?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाया है। बताया गया कि ईरानी सेना ने शनिवार को होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास जहाजों पर हमला किया। जवाब में ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान शर्तों को नहीं मानता तो अमेरिका उसके पावर प्लांट और पुलों जैसे बुनियादी ढांचों पर हमला करेगा। वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका ने उनके बंदरगाहों की घेराबंदी की है जो कि गैरकानूनी है।

शांति वार्ता और पाकिस्तान की भूमिका

युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिकी टीम 20 अप्रैल को इस्लामाबाद पहुंचेगी। इस टीम में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ शामिल होंगे। हालांकि ईरान ने अभी अपनी टीम भेजने का फैसला नहीं किया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका की मांगें बहुत ज्यादा हैं और जब तक बंदरगाहों की घेराबंदी नहीं हटेगी तब तक बात करना मुश्किल है।

युद्ध के मुख्य प्रभाव और ताजा अपडेट

ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर दिया है और कहा है कि यह तभी खुलेगा जब अमेरिका अपनी घेराबंदी हटाएगा। अमेरिकी सेना ने अब तक 23 जहाजों को वापस मोड़ा है और ‘Touska’ नाम के एक ईरानी जहाज को जब्त कर लिया है। दूसरी तरफ लेबनान में इसराइल ने अपनी सेना को पूरी ताकत इस्तेमाल करने का आदेश दिया है और कई गांवों पर अपना नियंत्रण कर लिया है।

मुख्य जानकारी विवरण
युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026
सीजफायर की तारीख 8 अप्रैल 2026 (पाकिस्तान की मध्यस्थता में)
सीजफायर समाप्ति 22 अप्रैल 2026
जब्त जहाज का नाम Touska
प्रभावित क्षेत्र ईरान, लेबनान और होर्मुज़ जलडमरूमध्य
नुकसान हजारों मौतें और लाखों लोग विस्थापित
अगली बैठक 20 अप्रैल 2026 (इस्लामाबाद)