अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच चल रही जंग अब दुनिया के खाने की थाली पर भारी पड़ने वाली है. वर्ल्ड बैंक के चीफ इकोनॉमिस्ट इंडर्मिट गिल ने चेतावनी दी है कि इस लड़ाई की वजह से करोड़ों लोग भुखमरी की चपेट में आ सकते हैं. यह संकट बहुत तेज़ी से बढ़ सकता है और इसका असर पूरी दुनिया के गरीब देशों पर पड़ेगा.

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भुखमरी का खतरा कितना बड़ा है?

वर्ल्ड बैंक के मुताबिक अभी दुनिया में लगभग 300 मिलियन लोग गंभीर कुपोषण और भोजन की कमी का सामना कर रहे हैं. इंडर्मिट गिल ने बताया कि जंग के ripple effects की वजह से यह संख्या बहुत जल्दी 20 प्रतिशत तक बढ़ सकती है. वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) ने भी अपना अनुमान लगाया है कि 2026 के मध्य तक 45 मिलियन लोग और भुखमरी की चपेट में आ सकते हैं.

महंगाई और सप्लाई चेन पर क्या असर पड़ेगा?

इस जंग की वजह से तेल और खाद की सप्लाई में बड़ी रुकावट आ रही है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते होने वाली सप्लाई प्रभावित हुई है जिससे खेती-बाड़ी पर असर पड़ा है. इसके मुख्य प्रभाव नीचे दी गई टेबल में देखे जा सकते हैं:

विवरण प्रभाव/आंकड़ा
यूरिया खाद की कीमत फरवरी-मार्च 2026 के बीच 46% की बढ़ोतरी
अतिरिक्त भुखमरी (WFP अनुमान) 45 मिलियन लोग और प्रभावित होंगे
वर्तमान कुपोषित लोग करीब 300 मिलियन
संभावित वृद्धि 20 प्रतिशत की तेज़ी से बढ़ोतरी

जंग और शांति की कोशिशें कहां तक पहुंचीं?

यह जंग 28 फरवरी 2026 को शुरू हुई थी. अप्रैल की शुरुआत में दो दिन का युद्धविराम हुआ था लेकिन तनाव अब भी बरकरार है. व्हाइट हाउस ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत जारी है और शांति के लिए चर्चा पाकिस्तान में दोबारा शुरू हो सकती है. वहीं अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के नियंत्रण को लेकर तनातनी बनी हुई है जिससे वैश्विक व्यापार को खतरा है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com