US-Israel का बड़ा प्लान, ईरान का परमाणु खजाना जब्त करने के लिए Special Forces उतारने की तैयारी
अमेरिका और इजरायल ने ईरान के परमाणु हथियारों को अपने कब्जे में लेने के लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया है। रिपोर्ट के अनुसार दोनों देश ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम को सुरक्षित करने के लिए Special Forces को तैनात करने पर विचार कर रहे हैं। यह कदम तब उठाया जा रहा है जब जारी सैन्य कार्रवाई में ईरान का नेतृत्व और बुनियादी ढांचा काफी हद तक कमजोर हो चुका है।
क्या है अमेरिका और इजरायल की रणनीति?
Axios की रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका और इजरायल की सेनाएं ईरान के यूरेनियम स्टॉक को जब्त करने या नष्ट करने के लिए कमांडो ऑपरेशन पर चर्चा कर रही हैं। यह ऑपरेशन अभी चल रहे युद्ध के अगले चरण का हिस्सा हो सकता है जिसे ‘Operation Epic Fury’ नाम दिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि उन्होंने ईरानी नेतृत्व को पूरी तरह से बेअसर कर दिया है और उनका मकसद दुनिया से इस खतरे को हटाना है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया है कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 2,000 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
कितना बड़ा है ईरान का परमाणु खतरा?
विशेषज्ञों के मुताबिक ईरान के पास इस समय करीब 450 से 460 किलोग्राम 60% एनरिच्ड यूरेनियम मौजूद है। अगर इसे हथियार बनाने वाले ग्रेड में बदला जाए तो इससे कुछ ही हफ्तों में करीब 11 परमाणु बम तैयार किए जा सकते हैं। यह खतरनाक सामग्री मुख्य रूप से Isfahan न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स में रखी गई है। माना जा रहा है कि इसे सुरक्षित रखने के लिए जमीन के अंदर मोबाइल कनस्तरों में छिपाया गया है, जिससे इसे बाहर निकालना काफी मुश्किल और जोखिम भरा काम हो सकता है।
अमेरिका ने दी कड़ी चेतावनी और शर्तें
अमेरिकी युद्ध सचिव Pete Hegseth ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर किसी भी अमेरिकी को नुकसान पहुँचाया गया तो उसका बदला बिना किसी हिचकिचाहट के लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मिशन में ‘नियमों’ की आड़ नहीं ली जाएगी और उनका लक्ष्य सिर्फ परमाणु खतरे को खत्म करना है। हालांकि, अधिकारियों ने यह भी इशारा किया कि अगर ईरान का रवैया बदलता है तो कूटनीतिक बातचीत का रास्ता भी खुला रह सकता है। वहीं, ट्रम्प प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके।




