अमेरिका और इसराइल के बीच ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने को लेकर बड़ी चर्चा चल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ईरान पर दबाव बनाने के लिए हवाई हमलों पर विचार कर रहे हैं। इस हमले का मुख्य मकसद ईरान को युद्धविराम की शर्तों को मानने के लिए मजबूर करना है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई सप्ताहांत तक की जा सकती है ताकि वित्तीय बाजार खुलने से पहले इसे पूरा किया जा सके।
ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले की तैयारी
अमेरिकी कैबिनेट की बैठक में राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि ईरान पर बहुत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने साफ किया है कि अमेरिका अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा। पेंटागन के प्रवक्ता Sean Parnell ने जानकारी दी है कि अमेरिकी सेना राष्ट्रपति के आदेशों का पालन करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इन हमलों में ईरान के बिजली संयंत्र और रिफाइनरियों को निशाना बनाया जा सकता है।
क्षेत्रीय तनाव और तेल बाजार पर असर
होरमुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा टैंकरों पर हमलों के बाद से ही स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। 28 फरवरी से इस मार्ग के बंद होने के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित हुआ है। इस बीच, ईरान के सुरक्षा अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उन पर हमला होता है, तो वे इसराइल और क्षेत्र में अमेरिकी ऊर्जा बुनियादी ढांचे को जवाब में निशाना बनाएंगे। हालांकि इसराइल के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि उन्हें फिलहाल किसी सैन्य अभियान में शामिल होने का कोई आधिकारिक निर्देश नहीं मिला है, फिर भी दोनों देशों के बीच समन्वय की खबरें सामने आ रही हैं।
