अमेरिका और इसराइल मिलकर ईरान के ऊर्जा संयंत्रों और रिफाइनरियों पर बड़े हमले की तैयारी कर रहे हैं। CBS न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, यह सैन्य अभियान इसी सप्ताहांत 1 से 2 अगस्त 2026 के बीच हो सकता है। अधिकारियों के बीच इस बात पर चर्चा चल रही है कि इस हमले को सोमवार को शेयर बाजार खुलने से पहले पूरा कर लिया जाए ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर कम से कम हो।

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तनाव और हमले का कारण

राष्ट्रपति Trump ने कैबिनेट बैठक में कहा कि अमेरिका ईरान को बहुत कड़ा जवाब देगा क्योंकि अब बातचीत पर भरोसा नहीं रहा। वहीं, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने साफ किया कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार नहीं बनाने दिया जाएगा। दूसरी ओर, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई में होर्मुज जलडमरूमध्य में दो टैंकरों पर हमला किया है और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन से हमले किए हैं।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर

इस संघर्ष के कारण ऊर्जा की कीमतों में उछाल आया है और शिपिंग मार्ग बाधित हुए हैं। जॉर्डन और कुवैत ने ईरान की ओर से आ रहे कई ड्रोन और मिसाइलों को बीच में ही मार गिराया है। इसराइल ने भी लेबनान में हिजबुल्लाह की सुरंगों को निशाना बनाते हुए विस्फोट किए हैं। पेंटागन के प्रवक्ता Sean Parnell ने अभी तक किसी भी विशिष्ट लक्ष्य के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है, लेकिन दोनों देशों के बीच युद्ध की तैयारी तेज हो गई है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.