31 मार्च 2026 को अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने ईरान के तेहरान, इस्फ़हान और कई अन्य प्रमुख शहरों पर बड़े हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के सैन्य ठिकानों, मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन हमलों के वीडियो साझा करते हुए कहा कि ईरान की हवाई सुरक्षा क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर दिया गया है। इस घटनाक्रम के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

हमलों में किन जगहों को बनाया गया निशाना और क्या रही सैन्य स्थिति?

अमेरिकी और इजरायली सेना ने ईरान के रणनीतिक ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं। इजरायली वायु सेना के अनुसार पिछले 24 घंटों में ईरान के 170 ठिकानों पर लगभग 400 बम गिराए गए हैं। सैन्य अभियान के दौरान निम्नलिखित क्षेत्रों में प्रमुख नुकसान की खबरें हैं:

  • Tehran: यहाँ सुरक्षा बुनियादी ढांचे और मिसाइल के पुर्जे बनाने वाली फैक्ट्रियों पर बमबारी हुई।
  • Isfahan: यहाँ एक भूमिगत ‘मिसाइल सिटी’ और हथियारों के डिपो को बंकर-बस्टर बमों से निशाना बनाया गया।
  • Parchin और Zanjan: इन शहरों में भी सैन्य रिसर्च सेंटर और मिसाइल यूनिट्स पर हमले हुए।
  • B-52 Bombers: अमेरिकी सेना ने इस ऑपरेशन में पहली बार B-52 स्ट्रेटोफोर्ट्रेस बमवर्षकों का उपयोग किया है।

खाड़ी देशों और प्रवासियों पर क्या पड़ा असर?

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते इस संघर्ष का असर पड़ोसी खाड़ी देशों पर भी देखने को मिल रहा है। सुरक्षा और यात्रा को लेकर नई एडवाइजरी जारी की गई है जो वहाँ रह रहे प्रवासियों के लिए महत्वपूर्ण है। ताजा स्थिति की जानकारी नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती है:

क्षेत्र/देश प्रमुख घटनाक्रम
Saudi Arabia रियाद में अमेरिकी दूतावास ने नागरिकों को ड्रोन हमलों के खतरे के कारण घरों में रहने की सलाह दी।
Kuwait दुबई पोर्ट पर एक कुवैती तेल टैंकर पर हमला हुआ, जिससे जहाज के निचले हिस्से को नुकसान पहुँचा।
Turkey NATO एयर डिफेंस सिस्टम ने तुर्की की सीमा में घुसने वाली ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल को नष्ट किया।
IRGC Warning ईरान ने Apple, Google और Meta जैसी टेक कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी दी है।
Diplomacy चीन और पाकिस्तान ने शांति बहाली के लिए पांच सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया है।

सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले भारतीय प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय खबरों पर नजर रखें और सरकारी निर्देशों का पालन करें। Strait of Hormuz बंद होने की वजह से तेल की कीमतों और सप्लाई पर भी असर पड़ने की संभावना जताई गई है। फिलहाल अमेरिका और इजरायल के सैन्य अभियान जारी हैं और ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।