अमेरिका और इसराइल की ईरान के खिलाफ जंग अब बहुत महंगी पड़ती दिख रही है। शुरुआती अनुमानों से कहीं ज्यादा पैसा इस लड़ाई में खर्च हो चुका है। नई रिपोर्ट के मुताबिक यह आंकड़ा अब 50 अरब डॉलर के करीब पहुंच गया है, जो पहले बताए गए खर्च से लगभग दोगुना है।

युद्ध के खर्च में इतनी बढ़ोतरी क्यों हुई?

पेंटागन के एक्टिंग कॉम्पट्रॉलर Jules Hurst ने 29 अप्रैल 2026 को हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के सामने गवाही देते हुए बताया था कि इस जंग में अब तक 25 अरब डॉलर खर्च हुए हैं। उनका कहना था कि इस रकम का बड़ा हिस्सा गोला-बारूद और हथियारों पर लगा। हालांकि, बाद में CNN और JINSA जैसी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि अगर टूटे हुए सामान की भरपाई और दोबारा निर्माण के खर्च को इसमें जोड़ा जाए, तो यह कुल रकम 40 से 50 अरब डॉलर तक पहुंच जाती है।

अमेरिकी सरकार और सेना की अब क्या तैयारी है?

डिफेंस सेक्रेटरी Pete Hegseth ने 1.5 ट्रिलियन डॉलर के रक्षा बजट का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए यह बजट बहुत जरूरी है। वहीं राष्ट्रपति Donald Trump ईरान के तेल निर्यात को रोकने के लिए नौसैनिक नाकाबंदी (naval blockade) करने पर विचार कर रहे हैं। US Central Command (CENTCOM) के एडमिरल Brad Cooper राष्ट्रपति ट्रंप को बुनियादी ढांचे पर हमला करने या होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के कुछ हिस्सों पर नियंत्रण पाने जैसे नए सैन्य विकल्पों की जानकारी देंगे।

ईरान ने पलटकर क्या जवाब दिया?

ईरान के सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने साफ किया है कि वे अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं की रक्षा करेंगे क्योंकि वे इसे अपनी राष्ट्रीय पूंजी मानते हैं। ईरान के IRGC अधिकारियों ने 30 अप्रैल को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने हमला किया, तो वे मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर बहुत दर्दनाक और लंबे जवाबी हमले करेंगे। इस बीच, लेबनान में इसराइल के हमले जारी हैं और राष्ट्रपति ट्रंप ने इसराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान जंग पर अब तक कितना खर्च किया है?

पेंटागन के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार शुरुआती खर्च 25 अरब डॉलर था, लेकिन नई मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पुनर्निर्माण और उपकरणों की लागत मिलाकर यह 40 से 50 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ क्या नया कदम उठा सकते हैं?

राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के तेल निर्यात को रोकने के लिए नौसैनिक नाकाबंदी करने पर विचार कर रहे हैं और CENTCOM से बुनियादी ढांचे पर सटीक हमलों के विकल्पों की जानकारी ले रहे हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.