US-Israel War on Iran: दुनिया के बाजार से 500 मिलियन बैरल कच्चा तेल गायब, इतिहास की सबसे बड़ी एनर्जी सप्लाई रुकावट

अमेरिका और इसराइल के ईरान के खिलाफ युद्ध ने पूरी दुनिया के तेल बाजार को हिलाकर रख दिया है। Kpler नाम की एनालिटिक्स कंपनी के मुताबिक, इस जंग की वजह से ग्लोबल मार्केट से 500 मिलियन बैरल कच्चा तेल कम हो गया है। यह आधुनिक इतिहास में ऊर्जा की सप्लाई में होने वाली सबसे बड़ी गिरावट है, जिसका सीधा असर तेल की कीमतों और सप्लाई चेन पर पड़ रहा है।

Strait of Hormuz और तेल की सप्लाई का क्या हाल है?

ईरान ने 18 अप्रैल 2026 को Strait of Hormuz को कुछ शर्तों के साथ फिर से खोलने का ऐलान किया है। यह फैसला इसराइल और लेबनान के बीच हुए 10 दिन के ceasefire के दौरान लिया गया है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक ईरान के साथ परमाणु कार्यक्रम पर पूरी डील नहीं हो जाती। इस तनाव की वजह से रोजाना करीब 11 मिलियन बैरल तेल का उत्पादन बंद हो गया था, जिससे बाजार में हाहाकार मच गया।

युद्ध और शांति बातचीत की ताज़ा स्थिति क्या है?

यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इसराइल ने ईरान के सैन्य और सरकारी ठिकानों पर हमले किए थे। हाल ही में इसराइल और लेबनान के बीच 10 दिन का ceasefire हुआ, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक इसराइल ने इस समझौते का उल्लंघन किया है। अब अमेरिका और ईरान के बीच नई बातचीत पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने की उम्मीद है। राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वे एक समझौते के बहुत करीब हैं और ईरान लगभग हर बात पर सहमत हो गया है।

एनर्जी मार्केट पर युद्ध का असर

विवरण जानकारी
कुल तेल का नुकसान 500 मिलियन बैरल (Kpler डेटा)
उत्पादन में गिरावट 11 मिलियन बैरल प्रतिदिन
US Strategic Reserve 170 मिलियन बैरल से ज्यादा जारी
IEA Storage Release 400 मिलियन बैरल (मार्च में)
US Crude Exports 5.2 मिलियन बैरल प्रतिदिन (रिकॉर्ड)
युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026
मुख्य मध्यस्थ पाकिस्तान (इस्लामाबाद)