अमेरिका और इजरायल का ईरान पर चल रहा ‘Operation Epic Fury’ अब दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है. 9 और 10 मार्च की रात तेहरान में अब तक की सबसे भारी बमबारी देखी गई. इस युद्ध का असर अब गल्फ देशों पर भी सीधे तौर पर दिखने लगा है. ईरान द्वारा किए गए जवाबी हमलों के बीच दुबई और बहरीन में मिसाइल सायरन बजने की खबरें आई हैं. दूसरी तरफ 9 मार्च को अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है.

गल्फ देशों में रहने वाले लोगों पर क्या असर है

युद्ध का दायरा बढ़ने के कारण गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों के बीच भी चिंता बढ़ गई है. हाल ही में ईरान की सेना ने इराक के कुर्दिस्तान इलाके में मौजूद अमेरिकी बेस ‘Al-Harir Air Base’ पर पांच मिसाइलें दागी हैं.

  • इस मिसाइल हमले के बाद Dubai और Bahrain जैसे देशों में इनकमिंग मिसाइल सायरन बजने की रिपोर्ट सामने आई है.
  • ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की धमकी दी है, जिससे कच्चे तेल के दाम 2022 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं.
  • अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर तेल की सप्लाई रोकी गई तो अमेरिका ईरान पर 20 गुना ज्यादा ताकत से हमला करेगा.

तेहरान और लेबनान में तबाही के हालात

युद्ध के दूसरे हफ्ते में इजरायल और अमेरिका ने अपने हमलों को और तेज कर दिया है. इजरायली एयरफोर्स ने तेहरान में 30 ऑयल स्टोरेज फैसिलिटी को निशाना बनाया है, जिससे शहर में भारी आग लग गई है.

  • आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार इस युद्ध में अब तक ईरान में 1332 और लेबनान में 394 लोगों की जान जा चुकी है.
  • इजरायल की सेना (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को खत्म करने के लिए ग्राउंड ऑपरेशन शुरू कर दिया है, जिसके कारण बेरूत में लोग अपना घर छोड़ रहे हैं.
  • ईरान के इंटरनेट सेंसरशिप से जुड़ी कंपनी Sahab Pardaz पर भी साइबर हमला हुआ है.
  • IAEA के अनुसार ईरान के नतांज न्यूक्लियर प्लांट के बाहरी इमारतों में नुकसान हुआ है, लेकिन मेन रिएक्टर पूरी तरह सुरक्षित हैं.

आगे युद्ध को लेकर नेताओं का क्या है कहना

दोनों तरफ से बयानबाजी तेज हो गई है और शांति की फिलहाल कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ अब कोई कूटनीति नहीं होगी और ईरान लंबे युद्ध के लिए तैयार है.

  • इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनका काम अभी पूरा नहीं हुआ है और आगे कई सरप्राइज देखने को मिलेंगे.
  • डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक यह युद्ध उनके तय समय से आगे चल रहा है.
  • अमेरिका को इस सैन्य अभियान में हर दिन करीब 890 मिलियन से 1 बिलियन डॉलर का खर्च आ रहा है.
  • ब्रिटेन इस युद्ध में अमेरिका को अपने बेस इस्तेमाल करने दे रहा है, लेकिन उसकी भूमिका केवल मिसाइलों को रोकने तक सीमित है.
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.