अमेरिका और इजरायल ने ईरान की बड़ी स्टील फैक्ट्रियों पर किया हमला, पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा
1 अप्रैल 2026 को अमेरिका और इजरायल की सेना ने ईरान के बड़े स्टील कारखानों को निशाना बनाकर भारी हमले किए हैं। ईरान के मध्य और दक्षिण-पश्चिम हिस्से में मौजूद इन फैक्ट्रियों में काफी तबाही हुई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने साफ कर दिया है कि अब अमेरिका के साथ बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं बची है। इस युद्ध की वजह से अब खाड़ी देशों में भी डर का माहौल है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
👉: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई का बड़ा ऐलान, हिजबुल्लाह को मिलता रहेगा पूरा समर्थन।
ईरान में किन जगहों पर हुआ हमला और कितना हुआ नुकसान?
ईरानी मीडिया के मुताबिक, इस्फ़हान प्रांत में स्थित Mobarakeh Steel Company और चहारमहल प्रांत की Sefid Dasht Steel फैक्ट्री पर ज़ोरदार हमले हुए हैं। इन हमलों में प्रोडक्शन यूनिट्स पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। ईरान के मानवाधिकार संगठन ने इसे ‘आर्थिक आतंकवाद’ बताया है क्योंकि इन फैक्ट्रियों से लाखों लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी है। तेहरान में पुराने अमेरिकी दूतावास के पास भी धमाके की खबरें आई हैं और इजरायल ने बेरूत में भी हवाई हमले किए हैं।
खाड़ी देशों और तेल सप्लाई पर क्या पड़ेगा असर?
इस जंग की आग अब पड़ोस के देशों तक भी पहुँच रही है। ईरान ने धमकी दी है कि अगर उन पर हमले नहीं रुके तो वे खाड़ी के दूसरे देशों में मौजूद अमेरिकी हितों को निशाना बनाएंगे। इससे जुड़ी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
| देश | ताजा घटनाक्रम |
|---|---|
| कुवैत | हवाई अड्डे के पास तेल टैंकों पर ड्रोन हमला हुआ, जिससे आग लग गई। |
| सऊदी अरब | सऊदी सेना ने अपनी सीमा के पास दो संदिग्ध ड्रोन मार गिराए हैं। |
| यूएई और बहरीन | ईरान की तरफ से एल्युमीनियम प्लांट्स को निशाना बनाने की धमकी दी गई है। |
| अमेरिका | ट्रंप ने कहा है कि यह युद्ध 2-3 हफ्तों में खत्म हो सकता है लेकिन तेल सप्लाई पर खतरा बरकरार है। |
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने समुद्री रास्ता (Strait of Hormuz) खुला रखने के लिए एक बड़ी मीटिंग बुलाने का फैसला किया है। अगर यह रास्ता बंद होता है तो पूरी दुनिया में पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छू सकते हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए भी आने वाला समय मुश्किल भरा हो सकता है क्योंकि तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।




