अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के दक्षिणी हिस्से में एक संचार टावर और घाट पर जोरदार हमला किया है. CENTCOM ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए बताया कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा एक अमेरिकी टैंकर पर किए गए ड्रोन हमले का जवाब है.
हमले की पूरी जानकारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के 6 F-35 और F-16 फाइटर जेट्स ने करीब 90 मिनट तक यह ऑपरेशन चलाया. इस दौरान ईरान के चार अलग-अलग ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें मिसाइल स्टोरेज, ड्रोन फैसिलिटी और तट के पास बने रडार साइट्स शामिल थे. ये सभी ठिकाने Strait of Hormuz और Qeshm Island के पास स्थित हैं.
ईरान के सरकारी टीवी ने भी इन हमलों की पुष्टि की है. बताया गया कि Taerawi तटीय घाट और Qeshm Island के Misen गांव में कई जोरदार धमाके हुए.
ईरान का पलटवार
इस हमले के बाद ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने तुरंत प्रतिक्रिया दी. IRGC ने ऐलान किया कि उनकी नौसेना ने इलाके में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं. इससे पहले करबन इलाके से Strait of Hormuz की तरफ चेतावनी वाली मिसाइलें छोड़े जाने की भी खबरें सामने आई थीं.
अभी तक दोनों देशों की तरफ से किसी के हताहत होने या भौतिक नुकसान की कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है.
