अमेरिका ने ईरान के 17 साइबर जासूसों पर कसा शिकंजा, मचा हड़कंप, 10 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित.

अमेरिका के न्याय विभाग यानी US Department of Justice ने ईरान से जुड़े एक बड़े साइबर जासूसी मामले में बड़ा एक्शन लिया है। इस मामले में कुल 17 लोगों के खिलाफ नया आरोप पत्र यानी इंडिक्टमेंट जारी किया गया है। यह पूरी कार्रवाई अमेरिकी सरकारी संस्थानों, विश्वविद्यालयों और प्राइवेट कंपनियों के गुप्त डेटा चुराने की बड़ी साजिश के खिलाफ की गई है। इस गंभीर मामले को लेकर अमेरिकी अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है और आरोपियों की जानकारी देने वाले के लिए भारी-भरकम इनाम का ऐलान किया गया है।
साल 2013 से चल रहा था साइबर हमलों का खेल
अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा साइबर क्राइम कैंपेन साल 2013 या उससे पहले से चल रहा था। ईरान के Mabna Institute से जुड़े इन लोगों पर आरोप है कि उन्होंने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC और अन्य सरकारी संस्थाओं के इशारे पर इन वारदातों को अंजाम दिया। अमेरिकी अटॉर्नी Jamie McDonald ने बताया कि इस बड़े नेटवर्क का मुख्य मकसद अमेरिकी विश्वविद्यालयों, व्यापारिक घरानों और सरकारी विभागों से जरूरी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी और रिसर्च डेटा को चुराना था। इस बारे में अधिक जानकारी अमेरिकी न्याय विभाग की आधिकारिक वेबसाइट US Department of Justice Official Release पर देखी जा सकती है।
दुनियाभर के विश्वविद्यालयों और कंपनियों को बनाया निशाना
इस बड़े साइबर हमले की जांच के दौरान यह बात सामने आई कि इन आरोपियों ने दुनिया भर के शैक्षणिक संस्थानों को बुरी तरह प्रभावित किया। इस ग्रुप ने लगभग 8,000 ईमेल अकाउंट्स में सेंध लगाई, जो अमेरिका के 144 और दूसरे देशों के 178 विश्वविद्यालयों से जुड़े हुए थे। कुल मिलाकर दुनिया भर के करीब 100,000 प्रोफेसरों के अकाउंट्स को प्रभावित किया गया। इन हमलों के जरिए आरोपियों ने 31 टेराबाइट से ज्यादा का शैक्षणिक और जरूरी डेटा चुरा लिया। सिर्फ यूनिवर्सिटी ही नहीं, बल्कि अमेरिका की कम से कम 42 प्राइवेट कंपनियों, 11 विदेशी फर्मों, 5 सरकारी एजेंसियों और 2 गैर-सरकारी संगठनों को भी निशाना बनाया गया। इतना ही नहीं, इस ग्रुप पर प्रसिद्ध अमेरिकी टीवी शो 'Game of Thrones' के स्क्रिप्ट चुराने और इसके बदले कंपनी HBO से करीब 6 मिलियन डॉलर यानी 60 लाख डॉलर बिटकॉइन के रूप में फिरौती मांगने का भी आरोप है।
मोस्ट वांटेड सूची और इनाम का ऐलान
इस संस्थान की शुरुआत करीब 2013 में Gholamreza Rafatnejad और Ehsan Mohammadi ने की थी, जिसका मकसद अवैध तरीकों से विदेश से रिसर्च डेटा हासिल करना था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी FBI ने इन सभी 17 आरोपियों के लिए मोस्ट वांटेड बुलेटिन जारी किया है। इसके साथ ही अमेरिकी विदेश विभाग के Rewards for Justice प्रोग्राम के तहत इन आरोपियों की सही लोकेशन बताने वाले को 10 मिलियन डॉलर तक का इनाम देने की घोषणा की गई है ताकि इन्हें जल्द से जल्द कानून के कटघरे में लाया जा सके।