अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने 9 जून 2026 को ईरान के तटीय इलाकों में जोरदार हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह कार्रवाई पूरी तरह से आत्मरक्षा में की गई है क्योंकि एक दिन पहले ही ईरान ने अमेरिका का एक सैन्य हेलिकॉप्टर मार गिराया था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे निर्देश के बाद अमेरिकी सेना ने यह जवाबी कार्रवाई की है।

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अमेरिकी हमलों से ईरान के किन इलाकों में हुआ नुकसान?

ईरानी समाचार एजेंसियों जैसे Fars और Mehr ने पुष्टि की है कि होर्मोज़गान प्रांत के पूर्वी हिस्सों में तेज धमाकों की आवाज सुनी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, सिरिक पोर्ट (Sirik Port) और क्युशम द्वीप (Qeshm Island) पर अमेरिकी मिसाइलें गिरी हैं। सिरिक में एक ठिकाने पर सीधा हमला हुआ है और क्युशम द्वीप के पास भी धमाके सुने गए हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर मीनाब (Minab) में भी हमले के दावे किए जा रहे थे, लेकिन ताजा रिपोर्टों में 9 जून को मीनाब पर किसी हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मीनाब पर इससे पहले 28 फरवरी 2026 को हमला हुआ था जिसमें भारी नुकसान हुआ था।

अमेरिका ने इस सैन्य कार्रवाई के पीछे क्या वजह बताई है?

इस बड़ी सैन्य कार्रवाई की मुख्य वजह 8 जून 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलिकॉप्टर का गिरना था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि ईरानियों ने उनके हेलिकॉप्टर को निशाना बनाकर मार गिराया है। हालांकि इस घटना में हेलिकॉप्टर के दोनों पायलटों को सुरक्षित बचा लिया गया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस हमले को ईरान की अनुचित आक्रामकता का एक आनुपातिक जवाब बताया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान के किन क्षेत्रों को निशाना बनाया है?

अमेरिकी सेना ने 9 जून 2026 को ईरान के होर्मोज़गान प्रांत के सिरिक पोर्ट और क्युशम द्वीप पर सैन्य ठिकाने और हवाई निगरानी प्रणालियों को निशाना बनाया है।

क्या इस अमेरिकी हमले का कारण कोई हेलिकॉप्टर हादसा था?

हां, 8 जून 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर को ईरान द्वारा मार गिराए जाने के बाद अमेरिका ने यह जवाबी कार्रवाई की है।