अमेरिका के 40 सांसदों ने विदेश मंत्री रुबियो को लिखा पत्र, इसराइली जेल में बंद अमेरिकी छात्रा की रिहाई की मांग.

अमेरिका के 40 सांसदों ने देश के विदेश मंत्री Marco Rubio को एक औपचारिक पत्र लिखकर इसराइली सैन्य हिरासत में बंद 20 वर्षीय अमेरिकी नागरिक Sama Safi की तुरंत रिहाई की मांग की है। यह पत्र 25 अगस्त 2026 को जारी किया गया था जिसमें छह सीनेटर भी शामिल हैं। इस पूरी मुहिम का नेतृत्व प्रतिनिधि Rashida Tlaib ने किया है। सांसदों ने विदेश मंत्री से आग्रह किया है कि वे इस छात्रा को वापस लाने के लिए अपने सभी राजनयिक विकल्पों का इस्तेमाल करें ताकि उसकी सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित हो सके।
सैन्य छापे के दौरान हुई थी गिरफ्तारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, छात्रा Sama Safi को पिछले साल 2 जून 2026 को कब्जे वाले वेस्ट बैंक में उनके परिवार के घर पर हुई एक सैन्य कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिया गया था। यह सैन्य छापा बिरzeit विश्वविद्यालय के छात्रों को निशाना बनाकर मारा गया था। अमेरिकी सांसदों ने चिंता जताते हुए बताया कि समा साफी एक गंभीर और पुरानी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रही हैं। चिकित्सा पेशेवरों ने चेतावनी दी है कि जेल के मौजूदा हालात, जैसे कि हथकड़ी लगाना, तनावपूर्ण स्थितियों में रखना और समय पर दवा न मिलना, उनके अंगों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकते हैं और ऊतकों को गंभीर चोट पहुंचा सकती है।
सांसदों और संगठनों का बढ़ता दबाव
इस अमेरिकी छात्रा की रिहाई के लिए कांग्रेस के कई बड़े नाम सामने आए हैं। इस द्विदलीय पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले सीनेटरों में Edward J. Markey, Jeff Merkley, Bernard Sanders, Chris Van Hollen, Elizabeth Warren और Peter Welch शामिल हैं। इस कूटनीतिक दबाव से पहले 17 अगस्त 2026 को सौ से अधिक धर्म-आधारित संगठनों ने भी विदेश मंत्री रुबियो को याचिका भेजकर समा साफी की रिहाई की अपील की थी। इस मामले में जनप्रतिनिधि रशीदा तलीब ने समा साफी के माता-पिता के साथ एक वर्चुअल बैठक भी की ताकि उनकी बेटी की रिहाई के लिए चल रहे प्रयासों को और तेज किया जा सके। इस बारे में अधिक जानकारी Rep. Tlaib official post पर देखी जा सकती है। पत्र में इस बात पर भी जोर दिया गया कि अमेरिकी सरकार की यह जिम्मेदारी है कि वह विदेश में रहने वाले अपने नागरिकों की रक्षा करे ताकि समा साफी जल्द से जल्द आजाद होकर अपनी पढ़ाई फिर से शुरू कर सकें और अपना जरूरी इलाज करवा सकें।