दुनिया में तेल की कीमतों को लेकर एक बड़ी खबर आई है। अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के लिए दी गई विशेष छूट को खत्म कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान और इसराइल के बीच युद्ध चल रहा है और दुनिया भर में तेल की सप्लाई कम हुई है। अब इसका सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ सकता है जो रूस से भारी मात्रा में तेल खरीदते हैं।

अमेरिका ने रूसी तेल की छूट क्यों खत्म की?

अमेरिकी सरकार ने शनिवार, 16 मई 2026 को रूसी तेल की खरीद पर मिलने वाली छूट (waiver) को खत्म कर दिया। इससे पहले अमेरिका ने 18 अप्रैल को एक आदेश जारी किया था, जिससे कुछ देशों को रूस से तेल खरीदने की अनुमति मिली थी। लेकिन अब US Treasury की वेबसाइट पर इस छूट को आगे बढ़ाने का कोई नया आदेश नहीं आया है। सीनेटर जीन शाहीन और एलिजाबेथ वॉरेन ने प्रशासन से इस छूट को न बढ़ाने की मांग की थी। उनका कहना था कि इस छूट से रूस को यूक्रेन युद्ध के लिए पैसा मिल रहा है और इससे अमेरिका में ईंधन की कीमतों में कोई खास कमी नहीं आई है।

तेल की कीमतों और भारत पर क्या होगा असर?

ईरान युद्ध और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने की वजह से तेल की सप्लाई में दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी गिरावट आई है। इस वजह से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। अमेरिका में पेट्रोल की कीमत करीब 4.50 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है, जो 2022 के बाद सबसे ज्यादा है। भारत और इंडोनेशिया जैसे देश जो रूसी तेल पर निर्भर थे, उन्हें अब मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

विवरण जानकारी
छूट खत्म होने की तारीख 16 मई 2026
कच्चे तेल की औसत कीमत लगभग $100 प्रति बैरल
US पेट्रोल की कीमत लगभग $4.50 प्रति गैलन
ईरान युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026
प्रमुख प्रभावित देश भारत और इंडोनेशिया

चीन और ईरान का इस मामले में क्या रोल है?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि चीन ने अमेरिकी तेल खरीदने की सहमति दे दी है। वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से इस बात पर भी चर्चा कर रहे हैं कि क्या ईरानी तेल खरीदने वाली चीनी कंपनियों पर से प्रतिबंध हटाए जा सकते हैं। वहीं, इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने साफ कहा है कि ईरान युद्ध ने तेल बाजार में अब तक का सबसे बड़ा संकट पैदा कर दिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

रूसी तेल की छूट खत्म होने का क्या मतलब है?

इसका मतलब है कि अब भारत और इंडोनेशिया जैसे देश रूस से समुद्री रास्ते से तेल खरीदने के लिए अमेरिकी प्रतिबंधों से छूट नहीं पाएंगे, जिससे उनकी तेल खरीद प्रभावित होगी।

तेल की कीमतें इतनी क्यों बढ़ गई हैं?

ईरान और इसराइल के बीच युद्ध और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से तेल की सप्लाई रुक गई है, जिसकी वजह से कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.