अमेरिका की सस्ती हवाई सेवाओं (low-cost airlines) के बड़े अधिकारी मंगलवार को ट्रांसपोर्ट सचिव Sean Duffy से मुलाकात करेंगे. इनका मकसद सरकार से टैक्स में राहत मांगना है ताकि यात्रियों के लिए टिकट की कीमतें बहुत ज्यादा न बढ़ें. ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच चल रहे युद्ध की वजह से जेट फ्यूल के दाम काफी बढ़ गए हैं, जिससे इन कंपनियों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है.

👉: US-Iran Tension: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी, पोर्ट्स की नाकेबंदी जारी रहेगी, 22 अप्रैल तक नहीं हुआ समझौता तो गिरेंगे बम

एयरलाइंस ने सरकार से क्या मांग की है?

Association of Value Airlines नाम के ग्रुप ने कांग्रेस से अपील की है कि टिकटों पर लगने वाले 7.5% फेडरल एक्साइज टैक्स और हर सेगमेंट पर लगने वाले 5.30 डॉलर के टैक्स को कुछ समय के लिए बंद कर दिया जाए. एयरलाइंस का कहना है कि इस टैक्स छूट से जेट फ्यूल की बढ़ी हुई लागत का लगभग एक तिहाई हिस्सा कम हो जाएगा. इस मांग में Spirit, Frontier, Allegiant, Sun Country और Avelo जैसी कंपनियां शामिल हैं.

ईंधन के दाम क्यों बढ़े और इसका क्या असर होगा?

ईरान के साथ चल रहे युद्ध और मिडिल ईस्ट में तनाव की वजह से तेल की सप्लाई वाले रास्तों में दिक्कतें आई हैं. इस वजह से जेट फ्यूल की कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं. अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल से चल रहा अस्थायी युद्धविराम (ceasefire) भी 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है. अगर युद्ध फिर शुरू होता है, तो तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं, जिसका सीधा असर आम यात्रियों की जेब पर पड़ेगा.

जरूरी जानकारियों की लिस्ट

विवरण जानकारी
मुलाकात की तारीख 22 अप्रैल, 2026
मुख्य अधिकारी Sean Duffy (ट्रांसपोर्ट सचिव)
मांगी गई छूट 7.5% एक्साइज टैक्स और $5.30 प्रति सेगमेंट टैक्स
कीमत बढ़ने का कारण ईरान के साथ अमेरिका-इसराइल युद्ध
ईंधन की स्थिति जेट फ्यूल के दाम लगभग दोगुने हुए
युद्धविराम की समाप्ति 22 अप्रैल, 2026
शामिल एयरलाइंस Spirit, Frontier, Allegiant, Sun Country, Avelo
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.