अमेरिका के वाशिंगटन में एक 45 साल का शख्स, जो दो बच्चों का पिता है, एक पुल पर चढ़ गया। उसने यह कदम अमेरिकी सरकार द्वारा ईरान के मिनब स्कूल में किए गए हमले के विरोध में उठाया है। वह शख्स वहां तब तक रहने की बात कह रहा है जब तक उसका विरोध सुना नहीं जाता।
मिनब स्कूल हमले में क्या हुआ था और कितने लोग मारे गए
28 फरवरी 2026 को ईरान के हॉर्मोज़गान प्रांत के मिनब इलाके में स्थित Shajareh Tayyebeh Elementary School पर मिसाइल हमला हुआ था। यह हमला स्कूल के समय सुबह 10 बजे से 10:45 के बीच हुआ। इस हमले में 156 से 180 लोगों की मौत हुई, जिनमें 120 से 175 स्कूली बच्चे और 26 शिक्षक शामिल थे। जांच में सामने आया कि इस हमले में टोमाहॉक क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल हुआ था, जो अमेरिकी सेना द्वारा संचालित की जाती है।
अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का इस पर क्या कहना है
अमेरिकी सैन्य जांच में शुरुआती तौर पर यह बात सामने आई कि पुराने और गलत कोऑर्डिनेट्स की वजह से यह हमला हुआ। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इसे एक दुखद घटना बताया है। दूसरी तरफ, UNESCO और UN Human Rights Council ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। UN ने इसे मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया और दोषियों के खिलाफ स्वतंत्र जांच की मांग की है।
ईरान का आरोप और मौजूदा स्थिति
ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को एक सोची-समझी साजिश और युद्ध अपराध बताया है। ईरान के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाएई ने अमेरिकी अधिकारियों के बयानों को खारिज करते हुए कहा कि इस अपराध के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। इसी मामले को लेकर अब अमेरिका के अंदर भी लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मिनब स्कूल हमला कब और कहां हुआ था
यह हमला 28 फरवरी 2026 को ईरान के हॉर्मोज़गान प्रांत के मिनब शहर में शाजेरह तय्येबेह एलिमेंट्री स्कूल पर हुआ था।
इस हमले में कुल कितने लोग मारे गए
रिपोर्ट्स के अनुसार इस हमले में 156 से 180 लोगों की जान गई, जिनमें सबसे ज्यादा संख्या स्कूली बच्चों और शिक्षकों की थी।