अरब सागर में तनाव और बढ़ गया है क्योंकि अमेरिकी सेना ने ईरान से जुड़े एक कमर्शियल जहाज M/V Blue Star III को बीच समुद्र में ही रोक लिया। अमेरिकी मरीन ने इस जहाज पर चढ़कर उसकी तलाशी ली क्योंकि शक था कि यह जहाज अमेरिकी नियमों को तोड़कर ईरान जाने की कोशिश कर रहा है। यह पूरी कार्रवाई अमेरिकी नौसेना द्वारा लगाए गए समुद्री नाकाबंदी के आदेश के तहत की गई।

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अमेरिकी मरीन ने M/V Blue Star III पर क्या कार्रवाई की?

28 अप्रैल 2026 को US Central Command (CENTCOM) के आदेश पर 31st Marine Expeditionary Unit के जवानों ने M/V Blue Star III नाम के जहाज को बोर्ड किया। इस जहाज पर संदेह था कि यह अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन कर ईरान पहुंचने का प्रयास कर रहा है। जब मरीन ने जहाज की पूरी तलाशी ली और यह कन्फर्म हुआ कि यह जहाज ईरान के किसी पोर्ट पर नहीं रुकने वाला है, तो इसे वापस छोड़ दिया गया।

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी क्यों की?

यह नाकाबंदी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 अप्रैल 2026 को एक आदेश के जरिए लागू की थी। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत पूरी तरह टूटने के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया। इस नाकाबंदी के नियम केवल ईरानी बंदरगाहों और ईरान सरकार से जुड़े या प्रतिबंधित जहाजों पर लागू होते हैं, आम व्यापारिक जहाजों पर नहीं। CENTCOM ने बताया कि अब तक कुल 39 जहाजों को या तो रास्ता बदलने को कहा गया या जांच के बाद उन्हें आगे जाने की इजाजत दी गई।

अरब सागर में और कौन से जहाज पकड़े गए?

  • USS Rafael Peralta: 28 अप्रैल को इस अमेरिकी डिस्ट्रॉयर ने एक ईरानी झंडे वाले तेल टैंकर को रोका और उसका रास्ता बदला।
  • M/V Sevan: 26 अप्रैल को अमेरिकी नौसेना ने इस जहाज को पकड़ा, जिसे ईरान के प्रतिबंधित “शैडो फ्लीट” का हिस्सा माना जाता है।
  • USS Pinckney: इस अमेरिकी जहाज ने 26 अप्रैल को M/V Sevan को रोकने की कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या सभी कमर्शियल जहाजों के लिए रास्ता बंद है?

नहीं, यह नाकाबंदी सिर्फ ईरान के बंदरगाहों और ईरान सरकार से जुड़े या प्रतिबंधित जहाजों पर लागू है। अन्य सामान्य व्यापारिक जहाजों को इससे कोई परेशानी नहीं होगी।

यह समुद्री नाकाबंदी कब से लागू हुई?

अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी आधिकारिक तौर पर 13 अप्रैल 2026 से शुरू की गई थी।