ओमान की खाड़ी में तनाव उस समय बढ़ गया जब 16 जुलाई 2026 को अमेरिकी मरीन की 11th Marine Expeditionary Unit ने M/T Wen Yao नाम के एक कमर्शियल टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया। U.S. Central Command (CENTCOM) के अनुसार यह कार्रवाई ईरान के खिलाफ लगाए गए नए नौसैनिक नाकेबंदी के तहत की गई है। अधिकारियों ने इसे एक वेरिफिकेशन ऑपरेशन बताया है ताकि यह जांचा जा सके कि जहाज नियमों का पालन कर रहा है या नहीं।

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क्या है पूरा मामला

इस जहाज पर ईरान का झंडा लगा था और यह कथित रूप से ईरान का तेल ले जा रहा था। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने स्पष्ट किया कि यह नाकेबंदी केवल उन जहाजों पर लागू है जो ईरानी बंदरगाहों से आ रहे हैं या वहां जा रहे हैं। उनका कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास का इलाका अभी भी खुला है, केवल उन जहाजों पर रोक है जो अमेरिकी नियमों का उल्लंघन करने की कोशिश कर रहे हैं।

क्षेत्र में बढ़ता तनाव

अमेरिका ने इससे पहले भी कई जहाजों को अपनी निगरानी में लिया है और M/T Belma जैसे जहाजों को नियमों का पालन न करने पर निष्क्रिय कर दिया है। एक तरफ अमेरिका हवाई हमलों का दायरा बढ़ा रहा है, वहीं ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps ने भी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है। ईरान के सैन्य प्रवक्ता Brigadier General Abolfazl Shekarchi ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान की सुविधाओं पर हमला हुआ, तो वे अमेरिकी ढांचे को निशाना बनाएंगे। क्षेत्र में इस तरह की हलचल से समुद्री व्यापार और सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.