अमेरिका ने Strait of Hormuz को सुरक्षित करने के लिए ‘Maritime Freedom Construct’ (MFC) नाम का एक नया सिस्टम बनाया है. इसे US State Department और Central Command मिलकर चलाएंगे. इसका मुख्य मकसद समुद्री रास्तों पर जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित करना और ईरान की पाबंदियों को रोकना है ताकि दुनिया भर का व्यापार प्रभावित न हो.
MFC क्या है और यह कैसे काम करेगा?
यह एक ऐसा सिस्टम है जिसे अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने मंजूरी दी है. 28 अप्रैल 2026 को एक डिप्लोमैटिक लेटर के जरिए दुनिया भर की अमेरिकी एंबेसी को इसकी जानकारी दी गई. इस सिस्टम के बारे में कुछ खास बातें ये हैं:
- सहयोग आधारित: यह कोई जबरदस्ती का नियम नहीं है बल्कि देशों की मर्जी पर आधारित सहयोग है.
- बिना सेना के मदद: इसमें शामिल होने वाले देशों को अपनी सेना या नौसेना भेजने की जरूरत नहीं होगी.
- काम करने का तरीका: इसमें देश सिर्फ जानकारी साझा करके, डिप्लोमेसी के जरिए या पाबंदियों को सख्ती से लागू करके मदद कर सकते हैं.
- मुख्य जिम्मेदारी: State Department डिप्लोमैटिक काम देखेगा और CENTCOM जहाजों को रीयल-टाइम जानकारी और सुरक्षा गाइडेंस देगा.
कौन से देश शामिल होंगे और क्या हैं इसके नियम?
अमेरिका चाहता है कि ज्यादा से ज्यादा देश इस मुहिम से जुड़ें. ऑस्ट्रेलिया ने इस बारे में बातचीत शुरू कर दी है. वहीं फ्रांस और ब्रिटेन ने कहा है कि जब युद्ध खत्म होगा तब वे मदद करेंगे. इस लिस्ट में रूस, चीन, बेलारूस और क्यूबा जैसे देशों को शामिल नहीं किया गया है.
इसके साथ ही US Treasury Department ने 29 अप्रैल 2026 को एक सख्त चेतावनी जारी की. इसमें कहा गया कि अगर कोई भी देश या कंपनी Strait of Hormuz से सुरक्षित निकलने के लिए ईरान या रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को पैसा देती है, तो उन पर भारी पाबंदियां लगाई जाएंगी.
अभी वहां की क्या स्थिति है?
फिलहाल Strait of Hormuz में जहाजों का आना-जाना लगभग बंद हो गया है. अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता चल रही है लेकिन बात आगे नहीं बढ़ पा रही है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 30 अप्रैल को इशारा किया कि जब तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को बंद नहीं करता, यह नाकेबंदी जारी रह सकती है. जानकारों का मानना है कि MFC के जरिए भविष्य में माइन क्लियरेंस और गश्त बढ़ाकर समुद्री रास्ते को फिर से चालू किया जाएगा.
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या Maritime Freedom Construct (MFC) में शामिल होने के लिए सेना भेजना जरूरी है?
नहीं, यह एक गैर-अनिवार्य प्रयास है. इसमें शामिल होने वाले देशों को अपनी सेना या नौसेना भेजने की जरूरत नहीं है, वे सिर्फ जानकारी साझा करके या डिप्लोमेसी से मदद कर सकते हैं.
ईरान को पैसे देने पर क्या कार्रवाई होगी?
US Treasury Department ने साफ किया है कि अगर कोई सुरक्षित रास्ते के लिए ईरान या उसके गार्ड कॉर्प्स को भुगतान करता है, तो उस पर कड़े प्रतिबंध (Sanctions) लगाए जाएंगे.