अमेरिका ने ईरान के शाहेद (Shahed) ड्रोन की नकल करके अपना खुद का घातक ड्रोन LUCAS तैयार कर लिया है। अब पेंटागन ने इसे बड़े पैमाने पर बनाने का फैसला लिया है ताकि युद्ध के मैदान में कम लागत में ज्यादा असर दिखाया जा सके। यह नया ड्रोन सिस्टम काफी सस्ता है और इसे दुश्मनों के ड्रोन झुंड का मुकाबला करने के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है। जुलाई 2025 में इसका पहला प्रोटोटाइप सामने आया था और दिसंबर 2025 में इसकी पहली यूनिट मिडिल ईस्ट में तैनात की गई थी।

LUCAS ड्रोन की क्या हैं खासियतें और कितनी है इसकी कीमत?

यह ड्रोन दिखने में ईरान के शाहेद-136 जैसा ही है लेकिन वजन में उससे काफी हल्का और फुर्तीला है। जहाँ ईरानी शाहेद का वजन 200 किलो होता है, वहीं अमेरिकी LUCAS सिर्फ 80 किलो का है। इसकी एक यूनिट की कीमत लगभग 35,000 डॉलर यानी करीब 29 लाख रुपये है। यह कीमत अमेरिका की पारंपरिक टॉमहॉक मिसाइलों के मुकाबले बहुत कम है। इसमें आधुनिक सॉफ्टवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया गया है जिससे यह खुद फैसले लेने और झुंड में हमला करने में सक्षम है।

अमेरिकी ड्रोन प्रोग्राम से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां

विवरण जानकारी
ड्रोन का नाम LUCAS (Low-cost Uncrewed Combat Attack System)
मारक क्षमता (रेंज) लगभग 800 किलोमीटर
विस्फोटक वजन 20 किलोग्राम (40 पाउंड)
निर्माता कंपनी SpektreWorks (एरिज़ोना आधारित कंपनी)
उत्पादन लक्ष्य 2027 तक 3 लाख से ज्यादा ड्रोन
पहला युद्ध उपयोग फरवरी 2026 (ऑपरेशन एपिक फ्युरी)

मिडिल ईस्ट में तैनाती और पेंटागन की बड़ी योजना

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के एडमिरल ब्रॉड कूपर ने बताया कि हमने ईरानी तकनीक को लेकर उसे और बेहतर बनाया है। रक्षा विभाग का लक्ष्य साल 2028 की शुरुआत तक करीब 3.4 लाख ऐसे ड्रोन तैयार करने का है ताकि आसमान में अमेरिका का दबदबा बना रहे। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी इस साल ‘ड्रोन डोमिनेंस’ नाम से एक योजना शुरू की है। इसका मकसद सेना को ऐसे सस्ते हथियारों से लैस करना है जिन्हें आसानी से कहीं भी लॉन्च किया जा सके और दुश्मन को भारी नुकसान पहुँचाया जा सके।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.