इस्लामाबाद और रावलपिंडी में अचानक हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. अमेरिकी सेना के C-17 ट्रांसपोर्ट विमान नूर खान एयरबेस पर उतरे हैं. शहर की सड़कों को बंद कर दिया गया है और ट्रांसपोर्ट सेवाएं रोक दी गई हैं. यह सब अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली एक बड़ी मीटिंग की तैयारी है.

इस्लामाबाद और रावलपिंडी में क्या सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं?

शहर में करीब 20,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनके साथ कमांडो और स्नाइपर्स भी मौजूद हैं. रेड जोन और एक्सटेंडेड रेड जोन को पूरी तरह बंद कर दिया गया है. पब्लिक और सामान ढोने वाली गाड़ियों की सर्विस रोक दी गई है. साथ ही, ड्रोन उड़ाने और हवाई फायरिंग पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है. सरकार ने सेरेना और मैरियट जैसे बड़े होटलों को बातचीत के लिए अपने कब्जे में ले लिया है.

अमेरिका और ईरान की इस बैठक का क्या मामला है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी बातचीत करने वाली टीम 20 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान पहुंचेगी. यह ईरान के साथ बातचीत का दूसरा दौर होगा. इससे पहले 11 अप्रैल को पहली मीटिंग हुई थी. ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान ने डील नहीं मानी तो उनके इंफ्रास्ट्रक्चर पर नए हमले हो सकते हैं. ईरान के अधिकारियों ने बातचीत में प्रगति तो मानी है, लेकिन परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका की शर्तों को बहुत सख्त बताया है.

बातचीत से जुड़ी मुख्य जानकारियां

विवरण जानकारी
तारीख 19 अप्रैल 2026
स्थान इस्लामाबाद और रावलपिंडी, पाकिस्तान
विमान C-17 Globemaster III
मुख्य अमेरिकी नेता डोनाल्ड ट्रंप, जे.डी. वेंस
मुख्य ईरानी नेता मोहम्मद बागर गालीबाफ, अब्बास अराघची
पाकिस्तानी प्रतिनिधि विदेश मंत्री इशाक डार
सुरक्षा बल 20,000 पुलिसकर्मी और कमांडो
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.