Islamabad High Alert: अमेरिका के सैन्य विमान पहुंचे इस्लामाबाद, ईरान के साथ बड़ी बातचीत की तैयारी, रास्तों पर लगा पहरा

इस्लामाबाद और रावलपिंडी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। अमेरिका के C-17 ट्रांसपोर्ट विमान जरूरी उपकरण और सामान लेकर नूर खान एयरबेस पर उतरे हैं। यह हलचल अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अहम बातचीत की तैयारी है। इस वजह से पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी किया गया है और कई रास्तों को बंद कर दिया गया है।

अमेरिका और ईरान के बीच क्या होने वाली है बातचीत?

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Karoline Leavitt ने बताया कि अमेरिका का एक दल 25 अप्रैल को इस्लामाबाद पहुंचेगा। इस टीम में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खास दूत Steve Witkoff और Jared Kushner शामिल हैं। दोनों देशों के बीच पिछले दो महीनों से चल रहे विवाद को खत्म करने पर चर्चा होगी। इसमें मुख्य रूप से Strait of Hormuz के मुद्दे पर बातचीत होने की उम्मीद है।

सुरक्षा के लिए पाकिस्तान सरकार ने क्या कदम उठाए?

आंतरिक मंत्री Mohsin Raza Naqvi ने विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। इस्लामाबाद का Red Zone पूरी तरह बंद कर दिया गया है और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को रोक दिया गया है। रावलपिंडी में 10,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और 600 से ज्यादा विशेष नाके बनाए गए हैं। सुरक्षा कारणों से Serena Hotel जैसे बड़े होटलों को भी खाली कराया गया है और मेट्रो बस सेवा के कुछ हिस्सों को बंद रखा गया है।

इस मुलाकात में कौन-कौन से बड़े नेता शामिल होंगे?

अमेरिका की तरफ से Steve Witkoff और Jared Kushner बातचीत का नेतृत्व करेंगे, जबकि उपराष्ट्रपति JD Vance स्टैंडबाय पर रहेंगे। ईरान की ओर से विदेश मंत्री Abbas Araqchi पहले ही इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। पाकिस्तान इस पूरी प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और सेना प्रमुख Field Marshal Asim Munir जैसे बड़े अधिकारी शामिल हैं।