अमेरिका की सेना ने मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को दक्षिणी ईरान में बड़े हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में सिरिक शहर, केशम द्वीप और बंदर अब्बास जैसे बड़े पोर्ट शहरों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कन्फर्म किया कि यह कार्रवाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तीन कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों का सीधा जवाब थी।
ईरानी मीडिया और कुवैत न्यूज़ एजेंसी (KUNA) ने भी इन धमाकों की खबर दी है, लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि इस हमले में कितने लोग मारे गए या घायल हुए हैं।
2026 के ईरान युद्ध का असर
यह हमला 2026 के ईरान युद्ध का हिस्सा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका अब तक ईरान की 11,000 से ज़्यादा मिलिट्री संपत्तियों और 130 जहाजों को निशाना बना चुका है। इस लड़ाई में पहले भी कई अहम ठिकानों पर हमले हुए हैं, जिनमें नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी, शाहिद खोंदाब हैवी वाटर कॉम्प्लेक्स और अरदकन येलोकेक प्रोडक्शन प्लांट शामिल हैं।
इससे पहले अप्रैल में बुशेहर न्यूक्लियर पावर प्लांट और महशहर स्पेशल पेट्रोकेमिकल ज़ोन पर हुए हमलों में कम से कम 5 लोगों की जान गई थी और 170 लोग घायल हुए थे।
क्षेत्रीय तनाव और नुकसान
इस विवाद में अब दूसरे देश भी शामिल होते दिख रहे हैं। कतर ने दावा किया था कि उसने अप्रैल की शुरुआत में ईरान के दो Su-24 बॉम्बर्स को मार गिराया था। वहीं ईरान की तरफ से बताया गया है कि इस चल रहे युद्ध की वजह से उसकी कम से कम 120 ऐतिहासिक जगहें तबाह हो गई हैं।
