अमेरिका ने फिलीपींस में बनाया नया सैन्य बेस, चीन को घेरने की तैयारी, बालाबक द्वीप बना रणनीतिक केंद्र

अमेरिका अपनी ताकत बढ़ाने के लिए एशिया में अपना दायरा बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में वॉशिंगटन अब फिलीपींस के बालाबक में एक नया सैन्य बेस बना रहा है। यह इलाका दक्षिण चीन सागर के पास है, जिससे चीन की गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा। इस कदम से इस क्षेत्र में सुरक्षा समीकरण बदलने वाले हैं।

बालाबक सैन्य बेस में अब तक क्या तैयारी हुई है?

अमेरिका और फिलीपींस के बीच हुए Enhanced Defense Cooperation Agreement (EDCA) के तहत यह काम हो रहा है। बालाबक के इस दूरदराज द्वीप पर एक रनवे पहले ही बनाया जा चुका है। अब वहां अन्य सैन्य बुनियादी ढांचों का काम चल रहा है, जिनमें से कुछ जानकारियां अभी गुप्त रखी गई हैं। यह जगह दक्षिण चीन सागर और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाला एक अहम रास्ता है, जहां अब गश्त और संयुक्त सैन्य अभ्यास बढ़ा दिए गए हैं।

सरकारों और विशेषज्ञों ने इस पर क्या कहा?

फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने कहा है कि इन बेस का इस्तेमाल किसी हमले के लिए नहीं होगा। उन्होंने साफ किया कि यह विस्तार मुख्य रूप से आपदा राहत और अपनी जमीन की रक्षा के लिए है। वहीं अमेरिकी रक्षा विभाग के मुताबिक, इससे दोनों देशों की सेनाएं मिलकर चुनौतियों का बेहतर सामना कर सकेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बेस विवादित स्प्रैटली द्वीप समूह के काफी करीब है, जिससे रणनीतिक फायदा मिलेगा।

स्थानीय लोगों की क्या उम्मीदें और डर हैं?

बालाबक के स्थानीय लोग इस बदलाव को लेकर थोड़ी उम्मीद और थोड़ा डर रखते हैं। कुछ लोगों को लगता है कि सैन्य गतिविधियों से वहां नौकरियां आएंगी और सड़कें व कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाएं बेहतर होंगी। लेकिन कई लोग इस बात से चिंतित हैं कि दो बड़ी ताकतों की आपसी खींचतान में उनके द्वीप की शांति खत्म हो सकती है और वे युद्ध की स्थिति से बचना चाहते हैं।