मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच न्यूयॉर्क टाइम्स की एक ताजा रिपोर्ट ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के जवाबी हमलों की वजह से क्षेत्र में कम से कम 13 अमेरिकी सैन्य ठिकाने पूरी तरह से असुरक्षित या रहने लायक नहीं बचे हैं। इस बड़े नुकसान के बाद पेंटागन ने अपने हजारों सैनिकों को मुख्य सैन्य अड्डों से हटाकर अस्थायी ठिकानों जैसे होटलों और ऑफिसों में शिफ्ट कर दिया है। यह संघर्ष फरवरी 2026 के अंत में शुरू हुआ था, जो अब और भी गंभीर होता जा रहा है।

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किन देशों में अमेरिकी ठिकानों को पहुंचा सबसे ज्यादा नुकसान?

न्यूयॉर्क टाइम्स और रक्षा सूत्रों के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण देशों में मौजूद अमेरिकी बेस इन हमलों की चपेट में आए हैं। कुवैत, कतर, बहरीन और सऊदी अरब जैसे देशों में भारी नुकसान की खबरें हैं। हमलों के शुरुआती दो हफ्तों में ही करीब 800 मिलियन डॉलर की संपत्ति के नुकसान का अनुमान है। नीचे दी गई टेबल में उन प्रमुख स्थानों की जानकारी दी गई है जहां हमले हुए हैं:

देश का नाम प्रभावित सैन्य ठिकाने
Kuwait Port Shuaiba, Ali Al Salem Air Base, Camp Buehring
Qatar Al Udeid Air Base
Bahrain U.S. Fifth Fleet Headquarters
Saudi Arabia Prince Sultan Air Base
UAE, Iraq, Jordan विभिन्न छोटे सैन्य केंद्र

अमेरिकी अधिकारियों और ईरान ने इस पर क्या बयान दिए?

  • अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने बताया कि अमेरिका ने अब तक 7,000 से अधिक हमले किए हैं और ऑपरेशन तेज हो रहे हैं।
  • जनरल डैन केन ने स्वीकार किया कि ईरान के पास अभी भी जवाबी कार्रवाई करने की बड़ी क्षमता है।
  • ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने दावा किया कि अमेरिकी सैनिक डर की वजह से नागरिक इलाकों और होटलों में छिप रहे हैं।
  • ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी सैनिकों को शरण देने वाले किसी भी होटल को निशाना बनाया जा सकता है।
  • कुवैत के पोर्ट शुएबा में हुए हमले में 6 अमेरिकी सैनिकों की जान जाने की भी पुष्टि हुई है।
  • राष्ट्रपति ट्रंप ने फिलहाल ईरान के ऊर्जा केंद्रों पर हमलों को रोकने का फैसला किया है ताकि बातचीत को मौका मिल सके।