अमेरिकी सेना ने ईरान की तेल सप्लाई पर बड़ा प्रहार किया है. US Central Command (CENTCOM) के मुताबिक, उन्होंने 70 से ज़्यादा टैंकरों को ईरान के बंदरगाहों से बाहर निकलने या अंदर आने से रोक दिया है. इस कार्रवाई से करीब 166 मिलियन बैरल तेल फंस गया है, जिसकी कीमत 13 अरब डॉलर से ज़्यादा बताई जा रही है.

अमेरिका ने ईरान को कैसे रोका और इसका क्या असर हुआ?

अमेरिकी सेना ने ईरान के पोर्ट्स पर समुद्री नाकाबंदी कर दी है. व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Anna Kelly ने बताया कि यह “Operation Economic Fury” का हिस्सा है. राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने अपनी शर्तें नहीं मानीं, तो बमबारी का नया दौर शुरू हो सकता है. वहीं, अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने कहा कि पेंटागन किसी भी समय सैन्य अभियान फिर से शुरू करने के लिए तैयार है.

खलिज देशों में हमलों का क्या हाल है?

  • UAE पर हमला: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने रिपोर्ट किया कि ईरान की तरफ से लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे हैं.
  • Qeshm Island: 8 मई 2026 को ईरान के Qeshm Island पर धमाकों की खबर आई, जिसके बाद ईरान ने दावा किया कि उसने अमेरिकी हमलों का जवाब दिया है.
  • जहाज पर कार्रवाई: अमेरिकी F/A-18 लड़ाकू विमानों ने M/T Hasna नाम के ईरानी टैंकर का रडर तबाह कर दिया था क्योंकि उसने नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश की थी.
  • नया प्राधिकरण: ईरान ने जहाजों से टोल वसूलने के लिए ‘Persian Gulf Strait Authority’ नाम की एक नई संस्था बनाई है.

इस पूरे विवाद के बीच सऊदी अरब ने तनाव कम करने और बातचीत जारी रखने का समर्थन किया है. ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने 8 अप्रैल 2026 को शुरू हुए युद्धविराम का उल्लंघन किया है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने कितने मूल्य का तेल रोका है?

अमेरिकी सेना ने लगभग 166 मिलियन बैरल तेल को रोकने का दावा किया है, जिसकी कुल कीमत 13 अरब डॉलर से ज़्यादा है. इसके लिए उन्होंने 70 से ज़्यादा टैंकरों को ब्लॉक किया है.

ईरान ने इस स्थिति पर क्या प्रतिक्रिया दी है?

ईरान का कहना है कि अमेरिका ने 8 अप्रैल 2026 को शुरू हुए युद्धविराम का उल्लंघन किया है. ईरान ने जहाजों पर हमले और नाकाबंदी को गलत बताया है.