अमेरिकी सेना ने अरब सागर में एक कमर्शियल जहाज को रोककर उसकी तलाशी ली है। सेना को शक था कि यह जहाज ईरान के किसी बंदरगाह की तरफ जा रहा है, जो कि लागू की गई नाकाबंदी के नियमों का उल्लंघन होता। जांच के बाद जब यह साफ हो गया कि जहाज ईरान नहीं जा रहा है, तो उसे छोड़ दिया गया।

जहाज की तलाशी क्यों हुई और क्या मिला?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जानकारी दी कि M/V Blue Star III नाम के जहाज को 31st Marine Expeditionary Unit के मरीन सैनिकों ने बोर्ड किया था। यह जहाज कोमोरोस का था और पाकिस्तान के कासिम पोर्ट से ओमान के सोहार पोर्ट की ओर जा रहा था। अमेरिकी सेना ने जहाज की पूरी तलाशी ली और यह कन्फर्म करने के बाद उसे रिलीज कर दिया कि उसकी यात्रा में ईरान का कोई पोर्ट शामिल नहीं था।

अमेरिका की ईरान नाकाबंदी का पूरा मामला क्या है?

यह नाकाबंदी 13 अप्रैल 2026 से शुरू हुई थी। इस्लामाबाद में अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच शांति बातचीत फेल होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और CENTCOM ने इस फैसले का ऐलान किया था। अमेरिकी सेना के मुताबिक, अब तक 39 जहाजों को या तो रास्ता बदलने को कहा गया या उन्हें जांच के बाद क्लियर किया गया। M/V Blue Star III नाकाबंदी शुरू होने के बाद पकड़ा गया चौथा मर्चेंट जहाज था, लेकिन यह पहला ऐसा जहाज है जिसे हिरासत में लेने के बजाय जांच के बाद छोड़ दिया गया।

अंतरराष्ट्रीय कानून और नियमों पर क्या कहा गया?

अमेरिकी विदेश विभाग की अंडर सेक्रेटरी एलीसन हुकर ने 28 अप्रैल 2026 को कहा कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरान का व्यवहार वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक चेतावनी है। अमेरिका का दावा है कि उसकी यह नाकाबंदी अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक युद्ध कानूनों के तहत वैध है क्योंकि यह घोषित है और मानवीय सामान की अनुमति देती है। अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि जो जहाज ईरान के अलावा अन्य बंदरगाहों की ओर जा रहे हैं, उनके रास्ते में कोई रुकावट नहीं आएगी, लेकिन सामान की जांच के लिए उन्हें रोका जा सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

M/V Blue Star III जहाज कहाँ से कहाँ जा रहा था?

यह जहाज पाकिस्तान के कासिम पोर्ट से रवाना हुआ था और ओमान के सोहार पोर्ट की ओर जा रहा था।

ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी कब से लागू हुई?

अमेरिका द्वारा ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी 13 अप्रैल 2026 से शुरू की गई थी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.