अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। दोनों देशों के बीच बने नाजुक सीजफायर के बीच अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में नए हमले किए हैं। इस सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों पक्षों की ओर से तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। ईरान ने इस हमले को सीजफायर का उल्लंघन बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है, वहीं अमेरिका इसे आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बता रहा है।
अमेरिकी सेना ने हमले को लेकर क्या कहा?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया कि अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में आत्मरक्षा में ये हमले किए हैं। यह कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए की गई है। इस हमले में मिसाइल लॉन्च साइटों और उन ईरानी नौकाओं को निशाना बनाया गया जो पानी में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि वे सीजफायर के दौरान संयम बरत रहे हैं, लेकिन अपने सैनिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे।
ईरान का क्या है रुख और क्या दी चेतावनी?
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे सीजफायर का सीधा उल्लंघन करार दिया है और कहा है कि इस कार्रवाई के सभी परिणामों के लिए अमेरिका जिम्मेदार होगा। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने भी संकेत दिया है कि वे अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर फिर से हमले शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसने वाले एक अमेरिकी MQ9 ड्रोन को मार गिराया है।
ट्रम्प और मार्को रुबियो के क्या हैं बयान?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है, लेकिन अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो यह जंग दोबारा शुरू हो सकती है और इस बार मुकाबला पहले से कहीं ज्यादा बड़ा होगा। उन्होंने मांग की है कि ईरान का संवर्धित यूरेनियम तुरंत नष्ट करने के लिए सौंप दिया जाए। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि सीजफायर बढ़ाने और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की बातचीत में अभी कुछ और दिन लग सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिकी सेना ने ईरान पर यह हमला क्यों किया?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह हमला आत्मरक्षा में किया गया है। अमेरिकी सैनिकों को सुरक्षित रखने के लिए दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइटों और माइन्स बिछाने वाली नावों को निशाना बनाया गया है।
इस हमले पर ईरान की क्या प्रतिक्रिया आई है?
ईरान ने इसे सीजफायर का उल्लंघन बताया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है और अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है।