25 मई 2026 को अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में बड़ी सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि यह हमला अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा में किया गया है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़े तनाव के बीच अमेरिकी विमानों ने ईरानी मिसाइल ठिकानों और बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाजों को निशाना बनाया है। इस हमले के बाद पूरे इलाके में अलर्ट जारी है और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।

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अमेरिकी सेना ने ईरान में क्यों की सैन्य कार्रवाई?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिंस ने बताया कि अमेरिकी सेना ने अपने सैनिकों को खतरों से बचाने के लिए दक्षिणी ईरान में रक्षात्मक हमले किए हैं। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य उन ईरानी जहाजों और मिसाइल साइटों को नष्ट करना था जो अमेरिकी युद्धक विमानों और क्षेत्र में तैनात सैनिकों के लिए खतरा बन रहे थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कुछ जहाजों को इन हमलों में नष्ट कर दिया गया है जो खाड़ी क्षेत्र में सक्रिय थे।

किन इलाकों को बनाया गया निशाना और क्या रहा असर?

यह सैन्य कार्रवाई मुख्य रूप से ईरान के प्रमुख नौसैनिक अड्डे बंदर अब्बास के आसपास केंद्रित रही। इसके अलावा सिरीक, जास्क और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित लारक द्वीप पर भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं। ईरानी मीडिया आउटलेट SNN के अनुसार, लारक द्वीप पर हुए हमलों में कुछ लोगों की मौत होने की खबर है, जो कथित तौर पर IRGC से जुड़े थे। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी मेहर ने बताया कि बंदर अब्बास में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

क्या अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर खत्म हो गया है?

अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इन हमलों का मतलब दोनों देशों के बीच चल रहे सीजफायर का खात्मा नहीं है। यह केवल एक सीमित रक्षात्मक कार्रवाई थी जो फिलहाल के लिए पूरी हो चुकी है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच शांति समझौते को लेकर बातचीत चल रही है, जिसमें समृद्ध यूरेनियम के भंडार और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी देश में अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट सेवाओं को बहाल करने का आदेश देकर कुछ नरमी के संकेत दिए हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिकी सेना ने ईरान में कहाँ-कहाँ हमले किए हैं?

अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास, सिरीक, जास्क और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित लारक द्वीप पर सैन्य ठिकानों और ईरानी जहाजों को निशाना बनाया है।

क्या इस हमले के बाद दोनों देशों के बीच युद्ध शुरू हो गया है?

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह केवल एक आत्मरक्षात्मक और सीमित हमला था। इसका मतलब सीजफायर का खत्म होना नहीं है और दोनों देशों के बीच शांति वार्ता अभी भी जारी है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.