अमेरिकी सेना की CENTCOM ने पुष्टि की है कि ईरान के बंदरगाहों पर पूर्ण नौसेना नाकाबंदी लागू कर दी गई है। राष्ट्रपति Donald Trump के आदेश के बाद यह कार्रवाई 18 जुलाई 2026 से तेज कर दी गई है, ताकि समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखा जा सके। इस ऑपरेशन में 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक मध्य पूर्व में तैनात हैं।
लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई
अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों, हथियारों के गोदामों और रडार साइटों पर लगातार सातवीं रात हवाई हमले किए हैं। इस दौरान अमेरिकी नौसेना ने चार कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला और Wen Yao नाम के तेल टैंकर की तलाशी ली। ईरान ने इन हमलों को युद्ध जैसा कदम बताते हुए कड़ा विरोध जताया है और इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ बताया है।
क्षेत्रीय देशों पर प्रभाव
ईरान के इस तनाव का असर खाड़ी देशों पर भी दिख रहा है। Bahrain, Jordan और Kuwait ने ईरान की ओर से किए गए हवाई हमलों को इंटरसेप्ट किया है। Qatar के विदेश मंत्रालय ने इस स्थिति पर चिंता जताई है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की Resolution 2817 के तहत खाड़ी देशों और समुद्री व्यापार पर हमलों की पहले ही निंदा की जा चुकी है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि मानवीय सहायता ले जा रहे जहाजों को जांच के बाद जाने की अनुमति दी जा रही है।
