Iran Blockade Update: अमेरिका ने ईरान की घेराबंदी के लिए तैनात किए 10,000 जवान, समुद्र में बढ़ी हलचल
अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों की घेराबंदी शुरू कर दी है। US military ने इस ऑपरेशन के लिए 10,000 से ज़्यादा सैनिकों, 12 जहाज़ों और 100 विमानों को तैनात किया है। यह पूरी कार्रवाई ईरान के साथ एक अंतिम शांति समझौता होने तक जारी रहेगी।
अमेरिका ने घेराबंदी के लिए क्या-क्या तैनात किया है?
U.S. Central Command (CENTCOM) ने 17 अप्रैल 2026 को पुष्टि की कि 10,000 से ज़्यादा अमेरिकी सैनिक इस नाकाबंदी को लागू कर रहे हैं। इसमें 12 जहाज़ और 100 विमान शामिल हैं। अभी तक 14 जहाज़ों को इस घेराबंदी के कारण अपना रास्ता बदलना पड़ा है। अमेरिका ने साफ़ किया है कि यह घेराबंदी केवल ईरान के बंदरगाहों और तटों पर है, Strait of Hormuz पर नहीं।
ट्रम्प और ईरान सरकार का इस पर क्या कहना है?
राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि जब तक अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता पूरा नहीं हो जाता, यह नाकाबंदी लागू रहेगी। वहीं ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने ऐलान किया कि व्यापारिक जहाज़ों के लिए Strait of Hormuz पूरी तरह खुला है। ईरान की सेना ने अमेरिका की इस कार्रवाई को गैरकानूनी बताया और इसे समुद्री डकैती का नाम दिया है।
किन चीज़ों की होगी चेकिंग और क्या है नियम?
Gen. Dan Caine ने बताया कि अब दुनिया भर में उन सभी जहाज़ों को रोका जाएगा जो ईरान सरकार को मदद पहुँचा रहे हैं। तेल, धातु और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी चीज़ों को प्रतिबंधित सामान माना गया है, जिन्हें कहीं भी ज़ब्त किया जा सकता है। Defense Secretary Pete Hegseth ने चेतावनी दी कि अगर ईरान समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ, तो अमेरिकी सेना फिर से युद्ध शुरू कर सकती है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल तैनात सैनिक | 10,000 से ज़्यादा |
| तैनात जहाज़ | कम से कम 12 |
| तैनात विमान | 100 |
| रास्ता बदलने वाले जहाज़ | 14 |
| मिडल ईस्ट में कुल US वॉरशिप्स | 16 |
| क्षेत्र में कुल अमेरिकी कर्मी | लगभग 50,000 |
| प्रतिबंधित सामान | तेल, धातु और इलेक्ट्रॉनिक्स |