अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों की नाकाबंदी जारी रखी है। इसके जवाब में ईरान ने भी दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक, Strait of Hormuz पर पाबंदियाँ लगा दी हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है।

अमेरिका की घेराबंदी और अब तक का अपडेट क्या है?

US Central Command ने 12 अप्रैल 2026 को ऐलान किया था कि ईरान के सभी बंदरगाहों पर नाकाबंदी की जाएगी। यह नियम सभी देशों के जहाजों पर लागू है, हालांकि Strait of Hormuz से गुजरने वाले उन जहाजों को छूट दी गई है जो ईरान नहीं जा रहे। अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth और जनरल Dan Caine ने चेतावनी दी है कि जो जहाज इस घेराबंदी को तोड़ने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ बल का इस्तेमाल किया जाएगा। अब तक 21 जहाजों को अमेरिकी बलों ने वापस लौटने के लिए कहा है।

ईरान की प्रतिक्रिया और Strait of Hormuz का हाल

ईरान ने अमेरिका की इस कार्रवाई को गैरकानूनी और समुद्री डकैती बताया है। 18 अप्रैल को ईरान ने Strait of Hormuz को फिर से बंद करने का फैसला लिया, क्योंकि अमेरिकी सेना ने उनके बंदरगाहों की घेराबंदी नहीं हटाई। ईरान के विदेश मंत्रालय और संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा है कि बिना ईरानी अनुमति के यह रास्ता खुला नहीं रहेगा। इसी बीच UKMTO ने जानकारी दी कि ईरानी गनबोट्स ने एक टैंकर पर फायरिंग की, लेकिन टैंकर और उसके चालक दल सुरक्षित हैं।

विवरण जानकारी
नाकाबंदी शुरू होने की तारीख 13 अप्रैल 2026
अमेरिकी सैन्य ताकत 10,000 से ज्यादा जवान, कई युद्धपोत और विमान
मध्यस्थता करने वाले देश मिस्र (Egypt) और पाकिस्तान
सीजफायर की आखिरी तारीख 22 अप्रैल 2026
ईरानी सैन्य कमांड Khatam Al-Anbiya और IRGC
US Central Command का दावा 21 जहाजों को वापस मोड़ा गया
मुख्य विवाद ईरान का परमाणु कार्यक्रम और समुद्री रास्ते
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.