US Army का बड़ा एक्शन, ईरान के तेल टैंकरों को अंतरराष्ट्रीय पानी में करेंगे ज़ब्त, दुनिया भर में बढ़ेगी निगरानी

अमेरिका की सेना अब ईरान से जुड़े तेल टैंकरों और कमर्शियल जहाजों को अंतरराष्ट्रीय पानी में ज़ब्त करने की तैयारी कर रही है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई आने वाले कुछ दिनों में शुरू हो सकती है। अब यह ऑपरेशन सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चलाया जाएगा ताकि ईरानी तेल और हथियारों की सप्लाई रोकी जा सके।

ℹ: Gaza War Update: अब तक 72,549 लोगों की मौत, हज़ारों घायल, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया नया आंकड़ा

अमेरिका का क्या प्लान है और किन जहाजों पर होगी कार्रवाई

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि उनकी नौसेना और सेंट्रल कमांड अब उन जहाजों को निशाना बनाएंगे जो ईरान के लिए तेल या हथियार ले जा रहे हैं। यह कदम अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उठाया जा रहा है। अमेरिका ने अपने डिस्ट्रॉयर जहाजों को अलर्ट पर रखा है जो जरूरत पड़ने पर ईरानी समुद्री सीमा और अंतरराष्ट्रीय पानी दोनों जगह कार्रवाई करेंगे।

कानून और विवाद की क्या स्थिति है

इस कार्रवाई को लेकर कानूनी बहस भी छिड़ी हुई है। अमेरिकी घरेलू कानून के हिसाब से प्रतिबंध तोड़ने वालों के जहाज ज़ब्त किए जा सकते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कानून में बिना अनुमति के किसी दूसरे देश के जहाज को पकड़ना मुश्किल माना जाता है। कई कानूनी जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय पानी में ऐसी कार्रवाई करना नियमों का उल्लंघन हो सकता है, हालांकि अमेरिकी कोर्ट ने पहले ऐसी कार्रवाइयों को सही ठहराया है।

भारत पर असर और ईरान की प्रतिक्रिया

इस तनाव के बीच भारत ने भी ईरान के राजदूत को तलब किया है क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो भारतीय जहाजों पर हमले की खबरें आई हैं। दूसरी तरफ ईरान ने इस रास्ते पर अपना कंट्रोल बढ़ा दिया है और चेतावनी दी है कि सुरक्षा और पर्यावरण शुल्क दिए बिना जहाजों का निकलना मुश्किल होगा। इस पूरे मामले की मुख्य जानकारी नीचे दी गई टेबल में है।

संस्था/देश मुख्य भूमिका और स्थिति
अमेरिका नौसेना और ट्रेजरी विभाग के जरिए जहाजों को ज़ब्त करने की तैयारी
ईरान तेल और हथियार ले जाने वाले जहाजों का संचालन और समुद्री रास्ते पर नियंत्रण
भारत भारतीय जहाजों पर हमले के बाद ईरान के राजदूत को बुलाया
अंतरराष्ट्रीय पानी वह इलाका जहां अब अमेरिकी सेना जहाजों को बोर्ड और सीज़ करेगी