अमेरिका की सेना अब ईरान से जुड़े जहाजों पर छापा मारने की तैयारी कर रही है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले दिनों में अमेरिकी सेना उन जहाजों को निशाना बना सकती है जिनका संबंध ईरान से है। अमेरिका ने पहले ही ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रखी है, जिससे पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है।

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अमेरिका ने कैसे की ईरान की नाकेबंदी?

अमेरिकी नौसेना ने 13 अप्रैल 2026 से ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू कर दी थी। CENTCOM ने बताया कि यह नियम उन सभी देशों के जहाजों पर लागू होगा जो ईरान के बंदरगाहों या तटीय इलाकों में जा रहे हैं या वहां से निकल रहे हैं। हालांकि, जो जहाज सिर्फ Strait of Hormuz से होकर दूसरे देशों के बंदरगाहों की तरफ जा रहे हैं, उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी।

अब तक की कार्रवाई और अहम आंकड़े

अमेरिकी सेना ने समुद्र में जहाजों को ऑडियो चेतावनी जारी की है। उन्होंने साफ कहा है कि जो जहाज ईरान से निकले हैं वे तुरंत वापस जाएं और जो ईरान जा रहे हैं वे वहीं रुक जाएं। बात न मानने वालों पर बल प्रयोग किया जा सकता है और उनके जहाजों को जब्त किया जा सकता है।

विवरण जानकारी
नाकेबंदी की शुरुआत 13 अप्रैल 2026
जहाजों की वापसी (17 अप्रैल तक) 19 जहाज
इंटरसेप्ट किए गए जहाज (18 अप्रैल तक) 23 जहाज
जब्त होने वाला सामान हथियार, तेल, धातु और इलेक्ट्रॉनिक्स
अमेरिकी अधिकारी Gen. Dan Caine और Pete Hegseth
ईरानी अधिकारी Abbas Araghchi और IRGC
संभावित बातचीत का स्थान पाकिस्तान

ईरान का क्या जवाब है और आगे क्या होगा?

ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका का यह दबाव युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन है। ईरान ने यह भी दावा किया है कि अब Strait of Hormuz पर उसका पूरा नियंत्रण है। वहीं दूसरी तरफ, ऐसी खबरें आ रही हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में दोबारा सीधी बातचीत शुरू हो सकती है, लेकिन इसकी तारीख अभी तय नहीं हुई है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.