अमेरिका और इसराइल की दोस्ती अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। एक ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका अब इसराइल के कब्जे वाले इलाकों में अपनी सेना को लंबे समय तक तैनात रखने पर विचार कर रहा है। इस खबर ने पूरे पश्चिम एशिया में हलचल मचा दी है और इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

अमेरिका इसराइल में अपनी सेना क्यों रखना चाहता है?

इसराइल के सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि अमेरिका अपनी सेना को अन्य क्षेत्रीय देशों से हटाकर इसराइल में शिफ्ट कर सकता है। इसके पीछे कुछ मुख्य कारण बताए गए हैं:

  • सुरक्षित किला: अमेरिकी अधिकारी इसराइल को ऑपरेशंस के लिए एक सुविधाजनक किले की तरह देखते हैं क्योंकि यहां का एयर डिफेंस सिस्टम बहुत मजबूत है।
  • कोई पाबंदी नहीं: इसराइल ने अमेरिकी सेना की गतिविधियों पर कोई रोक नहीं लगाई है, जिससे अमेरिका को आसानी रहती है।
  • ऑपरेशन का अनुभव: ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन/एपिक फ्यूरी’ के दौरान अमेरिकी सेना ने इसराइल की सैन्य क्षमताओं को करीब से समझा है।
  • अधिकारियों का बयान: AFCENT कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डेरेक फ्रांस ने कहा कि अमेरिका और इसराइल की वायु सेना के बीच सहयोग का मौजूदा स्तर एक बेसलाइन है और इसे कम करने का कोई इरादा नहीं है।

ईरान और अन्य देशों की क्या प्रतिक्रिया है?

इस कदम से क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है। ईरान के अंतरराष्ट्रीय मामलों के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने कहा कि ऐसी घटनाओं से अमेरिका का प्रभाव कम होगा और अंततः उसे पश्चिम एशिया से बाहर निकलना पड़ेगा। वहीं, कुछ अन्य महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं:

  • सीनेटरों की चिंता: अमेरिका के कुछ डेमोक्रेटिक सीनेटरों ने लेबनान और ईरान में खाली कराए जाने वाले क्षेत्रों को लेकर चिंता जताई है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
  • ईरान का जवाब: 10 मई 2026 को ईरान ने अमेरिका के उस प्रस्ताव पर अपना जवाब दिया है, जिसका मकसद उनके खिलाफ चल रहे युद्ध को खत्म करना है।
  • पाकिस्तान की भूमिका: बता दें कि 8 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम हुआ था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका इसराइल में नया सैन्य बेस बना सकता है?

जी हां, इसराइल के सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि यह मुमकिन है कि अमेरिका का अगला बड़ा बेस इसराइल में ही बने।

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम कब हुआ था?

पाकिस्तान की मदद से अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल 2026 को युद्ध विराम लागू हुआ था।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.