अमेरिका की मिलिट्री Central Command (CENTCOM) ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी के दौरान अब तक 42वें कमर्शियल जहाज का रास्ता बदल दिया है। यह घेराबंदी 13 अप्रैल 2026 से लागू है। इस कार्रवाई की वजह से ईरान के व्यापार पर सीधा असर पड़ा है और उसे भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

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अमेरिकी घेराबंदी से ईरान को कितना आर्थिक नुकसान हुआ

CENTCOM कमांडर Adm. Brad Cooper ने जानकारी दी कि अब तक 41 जहाजों को मोड़ा गया है। इस वजह से ईरान लगभग 69 मिलियन बैरल तेल नहीं बेच पाया, जिसकी कीमत 6 बिलियन डॉलर से भी ज़्यादा थी। इसके अलावा, ईरान के Chabahar पोर्ट पर अब 20 से ज़्यादा जहाज खड़े हैं, जबकि घेराबंदी से पहले यहाँ औसतन सिर्फ 5 जहाज होते थे।

जहाजों की चेकिंग और अमेरिकी सेना के नियम

  • M/V Blue Star III की तलाशी: 28 अप्रैल को US Marines ने अरब सागर में ‘M/V Blue Star III’ नाम के जहाज को रोका। यह जहाज Comoros के झंडे के नीचे Sohar, Oman जा रहा था। तलाशी के बाद इसे छोड़ दिया गया क्योंकि यह ईरान नहीं जा रहा था।
  • घेराबंदी का नियम: यह नियम सभी देशों के उन जहाजों पर लागू है जो ईरान के बंदरगाहों या तटीय क्षेत्रों में जा रहे हैं या वहाँ से निकल रहे हैं।
  • रास्ता खुला है: US मिलिट्री ने साफ किया है कि जो जहाज Strait of Hormuz से गुज़रकर गैर-ईरानी बंदरगाहों पर जा रहे हैं, उन्हें नहीं रोका जाएगा।
  • प्रतिबंधित सामान: युद्ध में इस्तेमाल होने वाले सामान को कॉन्ट्रबैंड माना गया है और इसे कहीं भी पकड़ा जा सकता है।

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और नए प्रतिबंध

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 28 अप्रैल को ईरान के बैंकिंग, क्रिप्टो नेटवर्क और तेल शिपिंग फ्लीट पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। दूसरी तरफ, ईरान के संसदीय स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबफ ने कहा कि जब तक US घेराबंदी नहीं हटाता, Strait of Hormuz को खोलना मुमकिन नहीं है। ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरिफ ने यह बात कही कि तेल निर्यात रोककर समुद्री सुरक्षा की उम्मीद नहीं की जा सकती।

Frequently Asked Questions (FAQs)

US ने ईरान के जहाजों को क्यों रोका है

US मिलिट्री ने 13 अप्रैल 2026 से ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी की है ताकि उन सामानों को रोका जा सके जिनका इस्तेमाल युद्ध में हो सकता है।

क्या इस घेराबंदी से अन्य देशों के जहाजों पर असर पड़ेगा

सिर्फ उन जहाजों को रोका जा रहा है जो ईरान जा रहे हैं। दूसरे देशों के बंदरगाहों पर जाने वाले जहाजों को Strait of Hormuz से गुज़रने की पूरी आज़ादी है।