मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। ईरान और अमेरिका के बीच दावों और जवाबी हमलों का दौर शुरू हो चुका है। जहां एक तरफ ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने और जहाजों पर हमला करने का दावा किया है, वहीं अमेरिकी सेना ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अमेरिका का कहना है कि व्यापारिक जहाज सुरक्षित रूप से इस मार्ग से लगातार गुजर रहे हैं।

ईरान और अमेरिका के दावों में क्यों है इतना बड़ा अंतर?

11 जून 2026 को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक तौर पर बताया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला है और व्यापारिक जहाजों का आवागमन पहले की तरह जारी है। अमेरिका ने ईरान के उस दावे को भी गलत बताया जिसमें उसने एक अमेरिकी युद्धपोत पर हमला करने की बात कही थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी सेना ने पिछले महीने एक गुप्त अभियान चलाया था, जिससे 200 से अधिक व्यापारिक जहाजों और 10 करोड़ बैरल से अधिक कच्चे तेल को सुरक्षित मार्ग दिया गया।

ईरान ने क्या कदम उठाए हैं और क्या हैं आरोप?

दूसरी तरफ, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को सभी जहाजों के लिए बंद घोषित कर दिया है। ईरान का दावा है कि उसने सीमा पार करने की कोशिश कर रहे दो व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने अमेरिका पर दक्षिणी ईरान में नागरिक जल बुनियादी ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया है और इसे युद्ध अपराध कहा है।

क्षेत्र में बढ़ते तनाव के मुख्य कारण क्या हैं?

हालिया तनाव तब बढ़ा जब अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों, संचार प्रणालियों और हवाई रक्षा प्रणालियों पर नए हमले किए। अमेरिका ने इन हमलों को आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया है। इसके अलावा, क्षेत्र में एक अमेरिकी सैन्य हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसका जिम्मेदार अमेरिका ने ईरान को ठहराया है। इसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले करने का दावा किया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या हॉर्मुज जलडमरूमध्य सच में बंद हो गया है?

ईरान ने इस समुद्री मार्ग को बंद घोषित करते हुए जहाजों को निशाना बनाने का दावा किया है, लेकिन अमेरिकी सेना का कहना है कि यह मार्ग पूरी तरह चालू है और जहाज वहां से गुजर रहे हैं।

अमेरिका ने ईरान पर हमले क्यों किए?

अमेरिकी सेना ने अपनी सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए ईरान के सैन्य और संचार ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.