अमेरिकी सेना ने ईरान से आने-जाने वाले जहाजों पर फिर से नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर दी है। यह फैसला 14 जुलाई 2026 को शाम 4 बजे (Eastern Time) से प्रभावी हुआ। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, राष्ट्रपति Donald Trump के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है ताकि ईरान को समुद्री व्यापार के जरिए अपनी सैन्य गतिविधियों के लिए फंड जुटाने से रोका जा सके।
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क्षेत्र में बढ़ता तनाव और सैन्य कार्रवाई
नाकाबंदी शुरू करने से ठीक एक घंटे पहले, अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर हमले किए। यह लगातार तीसरी या चौथी रात थी जब अमेरिकी सेना ने कार्रवाई की। इसका मुख्य उद्देश्य हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों पर ईरान द्वारा किए जा रहे हमलों को रोकना है। इस समय मध्य पूर्व में 20 से ज्यादा अमेरिकी युद्धपोत और सैकड़ों लड़ाकू विमान तैनात हैं।
भारतीय क्रू मेंबर्स पर असर
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ओमान के समुद्र में UAE के दो तेल टैंकरों पर मिसाइल से हमला किया। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 8 भारतीय क्रू मेंबर्स घायल हो गए। इसके अलावा ईरान ने बहरीन और जॉर्डन में भी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना का कहना है कि वे किसी भी देश के जहाज को ईरान की ओर जाने या वहां से आने से रोकेंगे, हालांकि गैर-ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाजों पर यह रोक लागू नहीं होगी। मानवीय सहायता ले जाने वाले जहाजों को जांच के बाद जाने की अनुमति दी जाएगी।
