अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सुरक्षित बनाने के लिए अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने का फैसला किया है। 11 अप्रैल 2026 को अमेरिकी नौसेना ने वहां बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाने का काम शुरू कर दिया। यह इलाका दुनिया के तेल व्यापार के लिए बहुत महत्वपूर्ण रास्ता है, इसलिए यहां तनाव बढ़ने से पूरी दुनिया की नज़र इस पर है।

ℹ️: West Bank में इसराइली सेटलर्स ने की फायरिंग, 23 साल के फिलिस्तीनी युवक की मौत, इलाके में तनाव बढ़ा

US Navy ने क्या कार्रवाई की और क्या है योजना?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बताया कि अमेरिकी सेना ने सुरंगों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और ईरान की नावों को नष्ट कर दिया है। US Central Command (CENTCOM) ने पुष्टि की कि USS Frank E Peterson और USS Michael Murphy जहाज़ इस मिशन के तहत इलाके से गुज़रे। एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि जहाजों के सुरक्षित आने-जाने के लिए एक नया रास्ता बनाया जा रहा है। अमेरिका ने इस काम में मदद के लिए जापान, कनाडा और यूरोपीय देशों से भी ठोस योजनाएं मांगी हैं।

ईरान की चेतावनी और शांति वार्ता की क्या स्थिति है?

ईरान ने सख्त चेतावनी दी कि अगर कोई भी अमेरिकी जहाज़ होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने की कोशिश करेगा, तो उस पर 30 मिनट के अंदर हमला कर दिया जाएगा। खबरों के मुताबिक, इस चेतावनी के बाद एक अमेरिकी विध्वंसक जहाज़ को वापस लौटना पड़ा। हालांकि, इस बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता चल रही है। इस बातचीत में अमेरिका की तरफ से JD Vance और ईरान की तरफ से मोहम्मद बागर गालिबफ और अब्बास अरगची शामिल हैं।

तेल व्यापार और अन्य ज़रूरी अपडेट्स

तनाव के बावजूद, होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की आवाजाही में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। संघर्ष शुरू होने के बाद से तेल शिपमेंट की यह सबसे ज़्यादा मात्रा है। फिलहाल वाशिंगटन और तेहरान के बीच दो हफ्ते का अस्थायी युद्धविराम लागू है, जिसके बीच ये सैन्य गतिविधियां हो रही हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.