ओमान के तट के पास अमेरिकी सेना के एक मिसाइल हमले ने तीन भारतीय नाविकों की जान ले ली है. इस हादसे में देवरिया के शिवानंद चौरसिया की मौत से उनके परिवार और गांव में मातम छाया हुआ है. भारत सरकार ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और अमेरिका के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है.

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अमेरिकी हमले में MT Settebello को बनाया निशाना

10 जून 2026 को ओमान तट और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास Palau के झंडे वाले तेल टैंकर MT Settebello पर अमेरिकी सेना ने मिसाइल हमला किया. इस जहाज पर 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन 3 भारतीयों की जान चली गई. मरने वालों में देवरिया के शिवानंद चौरसिया (इंजन फिटर), हिमाचल प्रदेश के आदित्य शर्मा (डेक कैडेट) और विशाखापट्टनम के पटनाला सुरेश (चीफ इंजीनियर) शामिल हैं.

भारत सरकार का सख्त रुख और कूटनीतिक विरोध

भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस हमले की कड़ी निंदा की है. भारत ने अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स को तलब किया और नागरिक जहाजों पर घातक बल के इस्तेमाल पर कड़ा विरोध दर्ज कराया. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से इस मामले पर बात की और भारत का कड़ा विरोध जताया. वहीं, केंद्रीय शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इसे भारतीय समुद्री समुदाय के लिए एक बड़ी क्षति बताया है.

अमेरिकी सेना और शिपिंग कंपनी के अलग-अलग दावे

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि जहाज ईरान का तेल ले जा रहा था और अमेरिकी निर्देशों को नहीं मान रहा था, इसलिए उसे रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई. दूसरी ओर, दुबई की कंपनी IOS Marine FZE ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. कंपनी का कहना है कि जहाज का ईरान या ईरानी तेल से कोई लेना-देना नहीं था और उन्होंने इस मामले की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है. अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने भी नाविकों की जान खतरे में डालने वाले इस कृत्य की निंदा की है.

देवरिया के शिवानंद के परिवार में शोक की लहर

शिवानंद चौर asyncio रिया देवरिया के सुरौली गांव के रहने वाले थे. उन्होंने कुछ दिन पहले ही परिवार से जल्द घर लौटने की बात कही थी. उनके निधन के बाद पत्नी और मां गहरे सदमे में हैं और पूरा गांव सदमे में है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बीजेपी नेताओं और जिला प्रशासन ने उनके परिवार से मुलाकात की है और हर संभव मदद का भरोसा दिया है. फिलहाल, शवों को भारत वापस लाने और बचे हुए नाविकों की घर वापसी की प्रक्रिया जारी है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.