अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास एक बड़ा सैन्य हमला करते हुए चार ईरानी ड्रोन मार गिराने और एक ड्रोन कंट्रोल सेंटर को तबाह करने का दावा किया है। यह कार्रवाई 27 और 28 मई 2026 को की गई है। इस नए हमले के बाद पूरे खाड़ी (Gulf) क्षेत्र में हाई अलर्ट जैसी स्थिति बन गई है और दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर से चरम पर पहुंच गया है जिससे वैश्विक तेल बाजार भी प्रभावित हो सकता है।

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अमेरिकी सेना ने हमला क्यों किया और क्या हुआ नुकसान?

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, यह हमला होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी बलों और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को ईरानी ड्रोन के संभावित खतरे से बचाने के लिए किया गया था। इस कार्रवाई में एक ड्रोन कंट्रोल सेंटर और सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया जिससे पांचवें ड्रोन के लॉन्च को समय रहते रोका जा सका। अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से रक्षात्मक थी और इसका उद्देश्य क्षेत्र में शांति बनाए रखना था। इससे पहले 25 मई को भी अमेरिका ने समुद्री सुरंग बिछाने वाले जहाजों पर ऐसा ही हमला किया था।

ईरान की जवाबी कार्रवाई और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई शर्तें क्या हैं?

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी हमले को युद्धविराम का सीधा उल्लंघन बताया है। इसके जवाब में ईरान ने एक अज्ञात अमेरिकी हवाई अड्डे को निशाना बनाकर जवाबी हमला करने का दावा किया और चेतावनी दी कि किसी भी आक्रामकता का कड़ा जवाब दिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र है और यह खुला रहेगा। ट्रंप ने शांति समझौते के लिए दो नई शर्तें रखी हैं:

  • कतर, सऊदी अरब और पाकिस्तान को अब्राहम समझौते में शामिल होना होगा।
  • ईरान को अपने समृद्ध यूरेनियम के स्टॉक को या तो अमेरिका को सौंपना होगा या परमाणु ऊर्जा आयोग की निगरानी में नष्ट करना होगा।

गल्फ देशों और तेल व्यापार पर इस संघर्ष का क्या असर होगा?

दोनों देशों के बीच लगभग तीन महीने से चल रहे इस संघर्ष के कारण वैश्विक शिपिंग और तेल बाजार को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का एक बेहद महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग है जहां तनाव होने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इस संघर्ष का असर अन्य गल्फ देशों पर भी दिख रहा है क्योंकि कुवैत ने भी अपने हवाई क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों की सूचना दी है जिसके बाद उसकी वायु सेना की रक्षा प्रणालियां सक्रिय हो गई थीं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान के किस इलाके में और कब हमला किया है?

अमेरिकी सेना ने 27 और 28 मई 2026 को दक्षिणी ईरान में होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित एक ड्रोन कंट्रोल सेंटर पर हमला किया और चार ड्रोन मार गिराए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सामने कौन सी दो शर्तें रखी हैं?

ट्रंप ने पहली शर्त में कतर, सऊदी अरब और पाकिस्तान को अब्राहम समझौते में शामिल करने और दूसरी शर्त में ईरान के यूरेनियम स्टॉक को अमेरिका को सौंपने या नष्ट करने की बात कही है।

इस अमेरिकी हमले पर ईरान की तरफ से क्या जवाब आया है?

ईरान के सैन्य संगठन आईआरजीसी ने इसे युद्धविराम का उल्लंघन माना है और जवाबी कार्रवाई में एक अज्ञात अमेरिकी हवाई अड्डे को निशाना बनाने का दावा किया है।