अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने मंगलवार, 9 जून 2026 को ईरान पर सेल्फ-डिफेंस स्ट्राइक करने की पुष्टि की है। यह हमला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी के बाद किया गया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सेना पर हुए हमलों के जवाब में की गई है। इस घटना के बाद मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है और दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति बन गई है।
अमेरिका ने ईरान पर हमला क्यों किया?
अमेरिकी सेना के अनुसार, सोमवार 8 जून 2026 को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिका का एक अपाचे हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि इस हेलीकॉप्टर को ईरान ने मार गिराया था। इसी घटना के जवाब में अमेरिका ने ईरान के रडार ठिकानों को निशाना बनाया है। अमेरिकी हमलों के दौरान ईरान के बंदर अब्बास और केश्म द्वीप पर जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं।
- हेलीकॉप्टर हादसा: अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को लेकर ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाया है और कहा कि इसका जवाब देना जरूरी था।
- सी ड्रोन से रेस्क्यू: हेलीकॉप्टर के दोनों क्रू सदस्यों को अमेरिकी नौसेना के एक सी ड्रोन की मदद से सुरक्षित बचाया गया।
- राष्ट्रपति ट्रंप का बयान: ट्रंप ने कहा कि वे ईरान के साथ शांति समझौते के बेहद करीब हैं, जो अगले दो से तीन दिनों में हो सकता है, लेकिन सैनिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।
ईरान की तरफ से क्या प्रतिक्रिया आई है?
दूसरी तरफ, ईरान ने अमेरिकी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। ईरानी सरकारी मीडिया का कहना है कि पिछले 24 घंटों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कोई सैन्य गतिविधि या हेलीकॉप्टर गिराने जैसी घटना नहीं हुई है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अराघची ने चेतावनी दी है कि विदेशी ताकतें इस क्षेत्र से दूर रहें क्योंकि मानवीय भूल या किसी भी हादसे से बड़ी जंग छिड़ सकती है। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरानी सैन्य अधिकारियों ने साफ किया है कि अगर अमेरिका दोबारा हमला करता है, तो उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा।
सीजफायर और शांति समझौते पर क्या होगा असर?
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच 8 अप्रैल 2026 से एक नाजुक सीजफायर लागू था, जो इस नए हमले के बाद अब पूरी तरह खतरे में आ गया है। इस बीच, इजरायल द्वारा दक्षिणी लेबनान के टायर शहर में किए गए हवाई हमलों ने इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। क्षेत्र में रहने वाले विदेशी नागरिकों और प्रवासियों के बीच भी इस ताजा सैन्य टकराव को लेकर चिंता बढ़ गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ने ईरान पर किस तारीख को हमला किया?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 9 जून 2026 को ईरान के खिलाफ सेल्फ-डिफेंस स्ट्राइक शुरू की, जो ईरान के स्थानीय समयानुसार रात करीब 1 बजे हुई।
अपाचे हेलीकॉप्टर के क्रू मेंबर्स को कैसे बचाया गया?
अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर के दोनों क्रू सदस्यों को अमेरिकी नौसेना के एक विशेष सी ड्रोन की मदद से सुरक्षित निकाला गया।
