खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक बार फिर से बढ़ गया है. अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में बड़ी कार्रवाई करते हुए मिसाइल लॉन्च साइटों और पानी में बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाजों पर हवाई हमला किया है. यह हमला ठीक उसी समय हुआ जब ईरान के बड़े अधिकारी कतर में बैठकर शांति स्थापित करने के लिए बातचीत कर रहे थे. अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने इस हमले की पुष्टि की है और इसे अपनी सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम बताया है.

अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान पर हमला क्यों किया?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता नेवी कैप्टन टिम हॉकिन्स ने आधिकारिक तौर पर बताया कि यह हमला सोमवार, 25 मई 2026 को किया गया था. उन्होंने कहा कि ईरान की सेना से अमेरिकी सैनिकों को जो खतरा था, उसे दूर करने के लिए आत्मरक्षा में यह कदम उठाया गया है. हमले में ईरान के उन ठिकानों को निशाना बनाया गया जहां से मिसाइलें छोड़ी जाती हैं. इसके अलावा बारूदी सुरंग बिछाने की कोशिश कर रही नावों को भी नष्ट किया गया है. अमेरिकी सेना का कहना है कि वे 8 अप्रैल से लागू संघर्षविराम का सम्मान कर रहे हैं लेकिन अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे. इससे पहले ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह वाले इलाके में तेज धमाकों की आवाज सुनी गई थी.

कतर में बातचीत और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनी

इस सैन्य हमले के बीच भी कतर की राजधानी दोहा में बातचीत का सिलसिला जारी रहा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बातचीत को लेकर कहा कि ईरान के साथ चर्चा सही दिशा में आगे बढ़ रही है. हालांकि, उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी भी दी कि या तो यह सबके लिए एक बेहतरीन समझौता होगा या फिर कोई समझौता नहीं होगा और दोबारा हमले किए जाएंगे. ट्रंप ने मांग रखी है कि ईरान को अपना समृद्ध यूरेनियम तुरंत अमेरिका के हवाले करना होगा ताकि उसे नष्ट किया जा सके. वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य को हर हाल में खोलना होगा क्योंकि इसे बंद रखना पूरी दुनिया के लिए गैरकानूनी और अस्वीकार्य है.

ईरान का इस पूरे मामले पर क्या है रुख?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा है कि कतर में चल रही बातचीत में थोड़ी प्रगति जरूर हुई है, लेकिन युद्ध खत्म होने का कोई समझौता इतनी जल्दी होने की उम्मीद नहीं है. कतर में ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी कतर के प्रधानमंत्री के साथ मिलकर रास्ता निकालने की कोशिश में जुटे हैं. इस बातचीत में हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और ईरान के रोके गए पैसों को वापस पाने पर चर्चा चल रही है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिकी सेना ने ईरान में किस जगह पर हमला किया है?

अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह के पास स्थित मिसाइल लॉन्च साइटों और बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाजों को निशाना बनाया है.

कतर में चल रही शांति वार्ता में क्या मुद्दे शामिल हैं?

कतर में दोनों पक्षों के बीच चल रही बातचीत में हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने, संघर्ष को समाप्त करने और ईरान के रोके गए पैसों को जारी करने पर चर्चा हो रही है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com