अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर काफी बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के केश्म द्वीप (Qeshm Island) पर बने एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया है। इसके जवाब में ईरान की तरफ से बहरीन और कुवैत की दिशा में कई मिसाइलें और ड्रोन दागे गए, जिन्हें अमेरिकी और स्थानीय सेना ने हवा में ही मार गिराया। इस सैन्य टकराव के बाद खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सभी रक्षा प्रणालियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
अमेरिकी सेना ने केश्म द्वीप पर क्यों की कार्रवाई?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई थी। अमेरिकी विमानों ने केश्म द्वीप पर स्थित ईरान के एक सैन्य ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और संचार टावर को निशाना बनाया। अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में ईरान द्वारा अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराए जाने और अमेरिकी जहाजों को परेशान करने की घटनाओं के बाद यह कदम उठाना जरूरी हो गया था।
बहरीन और कुवैत में हमलों को कैसे रोका गया?
हमले के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (Fifth Fleet) के मुख्यालय और कुवैत के ठिकानों पर हमले का दावा किया। कुवैत के रक्षा मंत्रालय और अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन दावों को खारिज करते हुए बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की सभी मिसाइलों और ड्रोन को रास्ते में ही नष्ट कर दिया। इस जवाबी कार्रवाई में किसी भी अमेरिकी या सहयोगी सैनिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
समुद्री जहाजों पर हमले की भी आई रिपोर्ट
ईरान के अनुसार, उसके एक तेल टैंकर ‘M/T Lexie’ पर अमेरिकी हेलफायर मिसाइल से हमला किया गया है जिससे उसका इंजन खराब हो गया। इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका से जुड़े एक अन्य मालवाहक जहाज ‘Panaya’ पर भी मिसाइल दागने का दावा किया है। अमेरिकी सेना ने बताया कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग में नागरिकों की सुरक्षा के लिए तीन ईरानी हमलावर ड्रोन को मार गिराया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिकी हमले में ईरान के केश्म द्वीप को निशाना बनाया गया?
हां, अमेरिकी सेना ने केश्म द्वीप पर मौजूद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और संचार टावर को नष्ट कर दिया है।
क्या बहरीन और कुवैत में कोई नुकसान हुआ है?
नहीं, बहरीन और कुवैत के ऊपर आने वाली ईरान की सभी मिसाइलों और ड्रोन को अमेरिकी और स्थानीय एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया।
